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इंदिरा गांधी को हराने वाले नेता राजनारायण का जन्मदिन मनाया गया Birthday of Rajnarayan, the leader who defeated Indira Gandhi, was celebrated

जैविक खेती अभियान ने अक्षय नवमी के अवसर पर लोक बंधु राजनारायण का 104वां जन्मदिन मनाते हुए उन्हें याद किया.  इस मौके पर बताया गया कि किस तरह वो हमेशा गरीबों की मदद करते थे.

 

हालांकि राजनारायण का जन्म अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 14 मार्च को हुआ था लेकिन जैविक खेती अभियान संस्था हर साल हिंदू कैलेंडर के अनुसार ही उनके जन्मदिन को मनाती आ रही है. इस मौके पर दिल्ली में गरीबों को खिचड़ी खिलाई गई.राज नारायण भारतीय राजनीति के अकेले ऐसे नेता थे जो चुनावों में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली में हरा दिया था.  उनके जन्मदिन पर आयोजिक कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी चिंतक व जैविक खेती अभियान के संस्थापक क्रान्ति प्रकाश ने की.उन्होंने कहा कि लोक बंधु राजनारायण जी ने जन साधारण के लिए ऐसी नीति बनाई, जो महंगे से महंगे इलाज में आर्थिक अभाव को आड़े नहीं आने दे. उन्होंने दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों में गरीबों के इलाज को मुफ्त कर दिया था. जिसमें उनके ह्रदय रोग का उपचार भी संभव था. इस बात की फिर जरूरत है.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नरेन्द्र त्यागी थे. राष्ट्रीय ब्रहमॠषि महासंघ के मुख्य संरक्षक त्यागी ने कहा कि नेताजी आम लोगों के लिए संघर्ष करते. इस मौके पर पत्रकार यूके त्रिपाठी,  गांधीवादी अध्येता मोहन सिंह और विनोद सिंह मौजूद थे. कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के कनाट प्लेस के बाबा खंङग सिंह मार्ग  पर स्थित काली मंदिर में हुआ.

 

इंदिरा को कोर्ट में चुनौती दी और जीत पाई 
राजनारायण 1971 के लोकसभा चुनावों में रायबरेली में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ पर्चा भरा. हालांकि इस चुनावों में इंदिरा गांधी ने एक लाख से भी अधिक वोटों से जीत हासिल की. लेकिन राज नारायण ने इसे अदालत में चुनौती दी. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जगमोहनलाल सिन्हा ने इंदिरा गांधी का चुनाव अवैध घोषित कर दिया. उन पर 06 सालों के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया. इसके बाद ही देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई थी. तब राजनारायण समेत विपक्ष के सैकड़ों नेता जेल में डाल दिये गए थे.

 

फिर इंदिरा को चुनावों में हराया भी
आपातकाल के बाद 1977 में जब लोकसभा के चुनाव हुए तो राजनारायण ने इंदिरा को रायबरेली से हराया. इसके बाद जनता पार्टी की सरकार में राजनारायण स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए थे. जिस दौरान उन्होंने जनता के लिए तमाम योजनाएं शुरू की थी. जो गरीबों के लिए बहुत फायदेमंद रही.अपनी जमीन गरीबों को दान में दे दी
वो ऐसे खांटी नेता थे, जिनका जीवन वाकई गरीबों को समर्पित था. उन्होंने अपनी जमीन न केवल गरीबों को दान में दे दी थी बल्कि दिल्ली में उनके निवास पर रोज लोगों को खाना खिलाया जाता था. राजनारायण की सादगी और फक्कड़ता के बहुत से किस्से मशहूर हैं.

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