देश दुनिया

छूट जाएगी पढ़ाई, यहीं लेंगे अंतिम सांस! प्रधानमंत्री आवास के पास बीआर कैंप पर संकट, 6 मार्च तक खाली करने का निर्देश

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री कार्यालय के पास स्थित बीआर कैंप जहां की गलियों में कभी बच्चे खेलते हुए नजर आते थे. यहां की गलियां हर वक्त गुलजार रहती थी. हिंदू मुस्लिम सब मिलकर यहां मंदिर के पास बैठकर गप्पे लड़ाते थे. आज इन गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग अपने घरों के अंदर अपना सामान पैक कर रहे हैं. तो वहीं कोने में एक छोटी सी दुकान है, जिस पर 90 वर्षीय अख्तरी बैठी हुई है. पैरों से लाचार दिल की बीमारी से जूझती हुई अख्तरी बार-बार अपनी दुकान को निहार रही है, क्योंकि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे कोई उनकी जिंदगी का पूरा हिस्सा ही उनसे छीन रहा हो. गली नुक्कड़ पर कुछ लोग खड़े हुए नजर आए तो वो भी इस जगह को 6 मार्च को खाली करने की बात करते हुए नजर आए

दरअसल यह पूरा नजारा इन दिनों प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित बीआर कैंप का है, जिसे 6 मार्च को खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है. यहां के लोगों को घेवरा में फ्लैट दिए जा रहे हैं. लोकल 18 ने यहां पहुंचकर यहां के लोगों से बात की तो उनका दर्द झलका.

पूरा खानदान यहीं दफन, यहीं लेंगे अंतिम सांस
बीआर कैंप में छोटी सी दुकान चलाने वाली 90 वर्षीय अख्तरी ने कहा कि उनके पति, सास, ससुर, पिता और मां सब इसी जमीन में दफन हुए हैं. अब इस जगह को खाली कराया जा रहा है, कैसे खाली कर दें क्योंकि वह खुद भी चाहती हैं कि जहां उनका पूरा खानदान दफन है वो भी इसी जमीन में दफन हो. वह कहती हैं कि छोटी सी दुकान उनके पति ने बनाई थी जिस पर अब वह बैठ रही है. यहां पर हॉस्पिटल भी पास में ही है. अभी उनको दिल का दौरा पड़ा था तो यहीं नजदीक अस्पताल में तुरंत इलाज मिल गया था. पैरों से वह चल नहीं सकती. याददाश्त अच्छे से काम नहीं करती. वह कहती हैं कि यहां से अगर किसी फ्लैट में गए तो उनको ये दुकान छोड़नी पड़ेगी. इसे वह छोड़ नहीं सकती हैंरोजगार और पढ़ाई दोनों पर आ गया है संकट
यहां की रहने वाली सननो ने बताया कि पिछले 30 सालों से वह यहां रह रही है. बिजली का बिल भरा जा रहा है. एमसीडी की गाड़ी आती है, साफ सफाई का काम भी होता है. बच्चे यहां के पास के स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं. पास में रेस कोर्स है, तो हमारा घोड़े का काम है, उसी से घर चलता है. अगर यहां से निकाल दिया गया तो वहां पर बच्चों की पढ़ाई भी दूर किसी स्कूल में करवानी पड़ेगी और रोजगार पर संकट आ जाएगा. रोजगार नहीं होगा तो बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाएगी. यहां पर रहने वाली रेखा ने बताया कि सभी के घरों में बिजली के मीटर लगे हुए हैं. सभी बिजली का बिल देते हैं. अगर यह जमीन अवैध है और यहां पर अवैध कब्जा करके हम लोग रह रहे हैं तो बिजली के मीटर क्यों लगाए गए. यहां पर अभी जल्दी में सरकारी नल भी लगाए गए हैं. सरकारी पानी आ रहा है, फिर यह सारी सुविधाएं यहां पर क्यों दी गई. पहले ही इसे अवैध घोषित करके खाली कर दिया जाना चाहिए था.बच्चे बोले छूट जाएगी पढ़ाई
यहां पर रहने वाली मासूम बच्ची सिया ने बताया कि उनकी पढ़ाई इसी रेस कोर्स के पास स्थित स्कूल से हो रही है. उनके सारे दोस्त यहीं पर है और स्कूल का माहौल भी अच्छा है. कहीं दूर जायेंगे तो पता नहीं कैसा स्कूल मिलेगा. यह स्कूल सस्ता है. दिल्ली के बाकी स्कूल काफी महंगे हैं. जबकि एक और बच्चे ने कहा कि हमें यहीं पर रहना है, यहां से जाना नहीं है.

Related Articles

Back to top button