छत्तीसगढ़

मुस्लिम कर्मचारियों के लिए BJP सरकार का फैसला, ऑफिस से एक घंटे पहले मिलेगी छुट्टी

रमजान को देखते हुए छत्तीसगढ़ में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सरकारी मुस्लिम कर्मचारियों को राहत देते हुए इस संबंध में आदेश जारी किया गया है.

छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में चांद दिखने की पुष्टि के बाद गुरुवार (19 फरवरी) से रमजान का पवित्र महीना शुरू हो गया है. ऐसा माना जाता है कि रमजान इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जिसमें मुस्लिम सुमदाय के लोग सुबह से शाम तक रोज रखते हैं और नमाज पढ़ते हैं.

मुस्लिम समुदाय के लिए रमजान बेहद ही पवित्र महीना

रमजान को रहमत यानी कि दया, मगफिरत यानी माफी और नजात यानी मुक्ति का महीना माना जाता है. रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय में इफ्तार और सहरी की परंपरा खास तौर से देखी जाती रही. इस दौरान लोग गरीबों को दान भी देते हैं. कुरान और नमाज पढ़ने के अलावा चैरिटी और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि अगर कोई पूरी सिद्दत के साथ रमजान के तीस रोजे रखे तो अल्लाह उस इंसान के सारे गुनाहों को माफ कर देता है.

रमजान अच्छाई और बरकत का महीना

मुस्लिम समुदाय के लोगों का मानना है कि इस मुबारक महीने रमजान का पहला हिस्सा रहमत है, दूसरा माफी है और तीसरा मोक्ष का रास्ता है. कुल मिलाकर यह इबादत के लिए बहुत मुबारक महीना माना जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रमजान के पहले रोजे से एक दिन पहले लोगों को शुभकामनाएं देते हुए सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने एक पोस्ट में लिखा, ”रमजान मुबारक. यह पवित्र महीना हमारे समाज में एकता की भावना को और बढ़ाए. हर जगह शांति और खुशहाली हो.”

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