छत्तीसगढ़

विद्यार्थियों ने सीखी स्मार्ट खेती, नर्सरी में सीखे फ्यूचर बिजनेस के गुर

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम आदर्श विद्यालय के कृषि संकाय के छात्र अब केवल किताबों में खेती नहीं पढ़ रहे, बल्कि जमीन पर उतरकर आधुनिक तकनीक सीख रहे हैं। कक्षा ग्याहरवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राओं ने मां महामाया नर्सरी और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके ) भलेसर में 10 दिवसीय विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया।

व्यावसायिक प्रशिक्षक बसंत कुमार साहू के नेतृत्व में छात्रों ने लभरा खुर्द स्थित नर्सरी में पौधों को नया जीवन देना सीखा। नर्सरी संचालक दानी राम ध्रुव ने छात्रों को विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षित किया। इस दौरान छात्रों को पौधों की कलम तैयार करना और नई किस्में बनाना,बड़े पेड़ों को लघु रूप देने की कला, गार्डन सजाने और लॉन प्रबंधन के जरिए स्वरोजगार के अवसर, जड़ों की वृद्धि के लिए वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करना सीखा।

साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र में भविष्य की खेती का सच भी जाना। इंटर्नशिप के अंतिम दिन भलेसर में वरिष्ठ वैज्ञानिकों (डॉ. आर.एल. शर्मा व टीम) ने छात्रों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए। इस दौरान छात्रों को ड्रिप सिंचाई के माध्यम से कम पानी में बेहतर पैदावार की तकनीक, नेट हाउस व पोषण बाड़ी के जरिए संरक्षित खेती और घर की बाड़ी से पोषण प्राप्त करना, मिट्टी सुधार के लिए फसल चक्र और दलहनी फसलों का महत्व को समझा। इस अवसर पर अंजलि साहू, दिनेश, भूपेंद्र, चित्ररेखा, कौशिल्या सहित कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के अनेक छात्र उपस्थित रहे।

हाई – टेक व्यवसाय के रूप में अपनाकर दूसरों को रोजगार भी दे प्रशिक्षक ने कहा कि छात्र कृषि को केवल मेहनत का काम न समझें, बल्कि इसे एक हाई-टेक व्यवसाय के रूप में अपनाकर दूसरों को भी रोजगार दें। अंजलि साहू, दिनेश, भूपेंद्र और चित्ररेखा सहित दर्जनों छात्र इस अनुभव से उत्साहित दिखे। उनका मानना है कि इस तरह के व्यावहारिक ज्ञान से वे कृषि को अपनी जीविका का सशक्त साधन बना पाएंगे।

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