निजी घर में नमाज पढ़ने से रोकने के मामले में डीएम-एसएसपी को अवमानना नोटिस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी परिसर में नमाज अदा करने से रोकने के मामले में बरेली के डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी अनुराग आर्य को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया है।
बरेली के तारिक खान ने याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि वह रेशमा खान के निजी घर (परिसर) में नमाज अदा करने के लिए एकत्र हुए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। साथ ही बिना अनुमति इकट्ठा होने का हवाला देकर हिरासत में ले लिया था। 28 जनवरी और दो फरवरी को डीएम-एसएसपी को प्रत्यावेदन देकर रमजान के दौरान उसी परिसर में नमाज की अनुमति मांगी थी पर कोई निर्णय नहीं लिया। इसके बाद पुलिस ने दखल दिया, जिससे उनके अधिकारों का हनन हुआ।
कोर्ट ने अपने 27 जनवरी के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि मरानाथा फुल गॉस्पेल मिनिस्ट्रीज बनाम उत्तर प्रदेश राज्य सरकार मामले में स्पष्ट किया जा चुका है कि नागरिकों को अपनी निजी संपत्ति के भीतर धार्मिक प्रार्थना करने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। यह अधिकार भारतीय संविधान के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार है।
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। साथ ही सुनवाई के लिए अगली तिथि 11 मार्च नियत की है।



