छत्तीसगढ़

आयुक्त, रेलवे सेफ्टी द्वारा निरीक्षण उपरांत कोतरलिया–रायगढ़–किरोड़ीमल नगर–भूपदेवपुर चौथी रेल लाइन को रेल परिचालन की अनुमति

आयुक्त, रेलवे सेफ्टी द्वारा निरीक्षण उपरांत कोतरलिया–रायगढ़–किरोड़ीमल नगर–भूपदेवपुर चौथी रेल लाइन को रेल परिचालन की अनुमति

बिलासपुर, 31 जनवरी 2026, रेल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा ट्रेनों के सुरक्षित एवं सुचारु परिचालन को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में नई रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण तथा तृतीय एवं चतुर्थ रेल लाइन परियोजनाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेलखंड के मध्य लगभग 206 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन परियोजना को चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत कोतरलिया–रायगढ़–किरोड़ीमल नगर–भूपदेवपुर स्टेशनों के मध्य 26.1 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
इंटरलॉकिंग सहित सभी आवश्यक तकनीकी कार्यों की पूर्णता के पश्चात दक्षिण पूर्व सर्किल के आयुक्त, रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) श्री बी.के. मिश्रा द्वारा दिनांक 29 एवं 30 जनवरी 2026 को इस नई चौथी रेल लाइन का गहन निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण की शुरुआत भूपदेवपुर स्टेशन से की गई, जहां आयुक्त द्वारा स्टेशन के केबिन, पैनल रूम एवं यार्ड का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों से तकनीकी एवं परिचालन संबंधी चर्चा की गई।
इसके पश्चात आयुक्त द्वारा निरीक्षण दल के साथ भूपदेवपुर से कोतरलिया स्टेशन तक मोटर ट्रॉली द्वारा नई चौथी रेल लाइन का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान इंटरलॉकिंग प्रणाली, प्वाइंट एवं क्रॉसिंग, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई), पुल, समपार फाटक, सिग्नलिंग सिस्टम सहित परिचालन एवं संरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तारपूर्वक जांच की गई। निरीक्षण उपरांत ओएमएस कोच के साथ हाई-स्पीड स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
सभी परीक्षण संतोषजनक पाए जाने के पश्चात आयुक्त, रेलवे सेफ्टी द्वारा इस नई चौथी रेल लाइन पर रेल परिचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इस अनुमति के साथ ही उक्त रेलखंड पर सवारी एवं मालगाड़ियों का निर्बाध, सुरक्षित एवं नियमित परिचालन प्रारंभ करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
चौथी रेल लाइन के चालू होने से इस व्यस्त रेलखंड की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार, तथा माल एवं यात्री यातायात को सुगमता प्राप्त होगी। साथ ही, यह परियोजना क्षेत्रीय औद्योगिक विकास एवं लॉजिस्टिक्स को भी नई गति प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन (206 कि.मी.) परियोजना की कुल लागत लगभग ₹2135.34 करोड़ है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे इस संपूर्ण रेलखंड पर क्षमता विस्तार का लक्ष्य तेजी से साकार हो रहा है।

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