रैंप योजना अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर में फूड प्रोसेसिंग एवं माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस पर सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण संपन्न l

रैंप योजना अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर में फूड प्रोसेसिंग एवं माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस पर सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण संपन्न l
बिलासपुर l केंद्र सरकार की रैंप (RAMP) योजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर में सेक्टर स्पेसिफिक ट्रेनिंग प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम फूड प्रोसेसिंग एवं माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस (लघु वनोपज आधारित फूड प्रोसेसिंग) विषय पर केंद्रित रहा।
यह प्रशिक्षण सीएसआईडीसी रायपुर के बैनर तले निम्समे (NIMSME), हैदराबाद द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें कुल 37 उद्यमियों एवं महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना, स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा प्रतिभागियों को व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस में कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गीत शर्मा तथा उद्योग विभाग से कचिता दर्रो, महाप्रबंधक (जीएम), जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) बिलासपुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि फूड प्रोसेसिंग एवं माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. शिल्पा कौशिक, डॉ. निवेदिता पाठक, डॉ. एकता ताम्रकार, प़कज मिंज, डॉ. एकता ताम्रकार एवं जयंत साहू सहित विभिन्न सेक्टर स्पेशलिस्ट्स द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
विशेषज्ञों ने वन उत्पादों की प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, बाजार संभावनाओं तथा व्यवसायिक रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी।
साथ ही प्रतिभागियों को एफएसएसएआई पंजीयन, आवश्यक लाइसेंस, शासन की विभिन्न योजनाओं तथा उद्यम पंजीयन (उद्यम रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित उद्यमियों का उद्यम पंजीयन भी कराया गया, जिससे उन्हें भविष्य में शासकीय योजनाओं, ऋण एवं अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम के समापन दिवस में प्रतिभागी उद्यमियों को रैंप योजना अंतर्गत प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने व्यवसाय को वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय संसाधनों के संरक्षण, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन तथा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।




