छत्तीसगढ़

मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल पाकर दिव्यांग श्री हरिचंद पटेल ने शुरू किया आत्मनिर्भर जीवन

मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल पाकर दिव्यांग श्री हरिचंद पटेल ने शुरू किया आत्मनिर्भर जीवन

शासन की मदद से बदली दिव्यांग श्री पटेल की जिंदगी कवर्धा 23 जनवरी 2026। कहा जाता है कि अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो और शासन का साथ मिल जाए, तो कोई भी बाधा इंसान को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। कबीरधाम जिले के ग्राम गांगचुवा (सिंघनपुरी) निवासी दिव्यांग श्री हरिचंद पटेल के लिए शासन की एक मदद ने जिंदगी को नई राह दे दी। बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से अब उनका चलना-फिरना आसान हुआ है और रोज़गार के नए रास्ते खुले हैं। एक हादसे ने कभी उनकी जिंदगी की रफ्तार रोक दी थी, लेकिन सरकारी सहायता ने उन्हें फिर से आगे बढ़ना सिखा दिया। इस सुविधा से उनके दैनिक जीवन और आजीविका में काफी सहूलियत हुई है। श्री हरिचंद पटेल एक सड़क दुर्घटना में अपना बायां पैर खो बैठे थे, जिसके बाद वे एक पैर से दिव्यांग हो गए। दिव्यांगता के कारण उनके लिए चलना-फिरना और काम करना मुश्किल हो गया था। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर होने से आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती जा रही थी। इलाज के दौरान उन्हें जिला अस्पताल में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनने की जानकारी मिली। प्रमाण पत्र बनवाने के बाद उन्होंने समाज कल्याण विभाग में बैटरी चालित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल के लिए आवेदन किया। पात्र पाए जाने पर विभाग द्वारा उन्हें ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। अब वे आसानी से आवागमन कर पा रहे हैं और अपने गांव में एक छोटी किराना दुकान चला रहे हैं। ट्राइसाइकिल की मदद से वे सामान लाने-ले जाने का काम भी स्वयं कर रहे हैं। श्री हरिचंद पटेल ने शासन और प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस सहायता से उन्हें न सिर्फ चलने की सुविधा मिली है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला है।

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