छत्तीसगढ़

जल सरंक्षण के लिए ठोस कदमः रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बनाने वाले 3623 भवन मालिकों का एफडीआर होगा राजसात,निगम ने भेजा नोटिस।

जल सरंक्षण के लिए ठोस कदमः रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बनाने वाले 3623 भवन मालिकों का एफडीआर होगा राजसात,निगम ने भेजा नोटिस।

नहीं बनाने पर प्रति 100 वर्गमीटर पर 1 हजार रुपये शास्ति भी वसूला जाएगा

गिरते भू जल स्तर को संतुलित करने की कवायद,बरसाती पानी का संचय जल स्तर के लिए अमृत

छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू ब्यूरो रिपोर्ट।‌ वर्षा जल संचय के जरिए गिरते भू जल स्तर को संतुलित करने कि दिशा में नगर निगम ने ठोस कदम उठाया है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का वादा कर नहीं बनाने वाले 3623 भवन मालिकों की सुरक्षा निधि की राशि को निगम राजसात करने की तैयारी में है,इसके लिए निगम के भवन शाखा ने इन भवन मालिकों को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने और सूचना देने का समय दिया है। तीन दिवस के भीतर संतोषप्रद जवाब नहीं देने पर भवन अनुज्ञा प्राप्त करने के समय जमा किए गए सुरक्षा निधि को राजसात कर लिया जाएगा और शासन के निर्देशानुसार प्रति 100 वर्गमीटर पर 1 हजार रुपये प्रति वर्ष शास्ति आरोपित करते हुए जुर्माना वसूला जाएगा और तब तक वसूला जाएगा जब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्माण की सूचना साक्ष्य समेत निगम कार्यालय में नहीं दी जाएगी।वर्षा जल संचय और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सख्त निर्देश जारी किए है। 3623 भू स्वामियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्माण करने की शर्त पर भवन निर्माण की अनुमति प्रदान की गई थी। इसके लिए सुरक्षा निधि जमा कराई गई थी पर भवन अनुज्ञा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अब तक इन भवन मालिकों द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण नहीं किया गया है और ना हीं किसी भी प्रकार की सूचना भवन शाखा को दी गई है। भवन निर्माण की शर्तों का उल्लंघन करने पर इस बार निगम ने सख्त रुख अपनाया है और 2018 से 2022 तक के 1500 वर्गफीट से अधिक भूमि पर निर्माण की अनुमति लेने वाले 3623 भवन मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। विदित है कि प्रदेश में गिरते भू जल स्तर को लेकर राज्य शासन गंभीर हैं और इसे संतुलित करने के लिए राज्य शासन ने सभी निकायों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए है।

1500 वर्गफीट से अधिक भूमि पर अनिवार्य

राज्य शासन द्वारा भूमिगत जल संरक्षण अनिवार्यता प्रक्रिया के अंतर्गत 150 वर्गमीटर से अधिक याने 1500 वर्गफीट से अधिक आकार के भूखण्डों के लिए वर्षा जल संरक्षण हेतु रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किये जाने का प्रावधान किया गया है। जिसके अंतर्गत निकायों द्वारा 150 वर्गमीटर (1500 वर्गफीट से अधिक) से अधिक के भूखण्डों पर भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने के पूर्व, आवेदक से सुरक्षा निधि के रूप में राशि रू. 110.00 प्रति वर्गमीटर की दर से जमा राशि करायी जाती है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्माण करा लेने और इसकी लिखित सूचना निकाय कार्यालय को देने पर सुरक्षा निधि वापस कर दिया जाता है।

सभी हार्वेस्टिंग बेहद ज़रूरी है- कमिश्नर

इस अवसर पर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने कहा कि वाटर हार्वेस्टिंग हमारे आने वाले कल के लिए बेहद ज़रूरी है, ग्लोबल वार्मिंग के कारण जल स्तर धीरे-धीरे नीचे की ओर जा रहा है।इसे संतुलित करने सभी को अपने परिसर या घरों में वाटर हार्वेस्टिंग कराना बेहद ज़रूरी है।

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