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बीजापुर:जिले में इन दिनों धान खरीदी के बाद धान परिवहन का काम बड़ी तेज गति से चल रहा है

बीजापुर:जिले में इन दिनों धान खरीदी के बाद धान परिवहन का काम बड़ी तेज गति से चल रहा है।इस परिवहन के कार्य मे भी काफी अनियमितता बरतने का मामला प्रकाश में आया है। परिवहन का कार्य प्रदेश व जिले के ट्रांसपोर्टरों को दरकिनार करते हुए बिना परमिट और बिना टेक्स पटाये तेलंगाना व आंध्रप्रदेश के ट्रांसपोर्टरों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से परिवहन कराया जा रहा है। जबकि बीजापुर जिले के दो परिवहन ठेकेदारो के बीच मामला उच्च न्यायालय में चल रहा है,जिसका पूरा पूरा फायदा समबिधित विभाग उठाने का प्रयास कर रहा है।अन्य राज्यो के ट्रांसपोर्टरों से कार्य कराए जाने से स्थानीय ट्रांस्पोटरो में काफी आक्रोश व्याप्त है,वही सबसे मजेदार बात यह है कि सम्बंधित विभागीय अधिकारि इस मामले से पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं।

 

सम्पूर्ण प्रदेश में 31 जनवरी के बाद से धान खरीदी समाप्त होते ही वृहद स्तर पर धान परिवहन का कार्य कराया जा रहा है,वही धान परिवहन में बस्तर संभाग में बीजापुर अव्वल बना हुआ है। इस मामले की जब पब्लिक स्वर कि टीम ने पड़ताल किया तो मामला चौकाने वाला सामने आया।बीजापुर धान परिवहन का काम पहले मनीष गुप्ता को मिला हुआ था,किंतु इस वर्ष मेहर झा को मिला हुआ है।दोनों ठेकेदारों के बीच परिवहन को लेकर मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है,इसके बावजूद विभाग मनीष गुप्ता के नाम से आरओ काट कर परिवहन बेधड़क बेखौफ कराया जा रहा है।सबसे बड़ी बात है कि यह परिवहन प्रदेश और जिले के ट्रांस्पोटरो को छोड़ तेलंगाना व आंध्रप्रदेश के ट्रांस्पोटरो से कराया जा रहा है।जबकि इन ट्रांस्पोटरो के द्वारा ना ही नेशनल परमिट लिया जा रहा है और ना ही अन्य राज्य का रोड टेक्स पटाया जा रहा है।आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि सम्बंधित विभाग तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के ट्रांस्पोटरो के आगे नतमस्तक है।

इस सम्बंध में जब जिला खाद्य अधिकारी बीएल पद्मामकर से जानकारी चाहा गया तो उन्होंने जानकारी होने से इंकार करते हुए ठेकेदार से सम्पर्क करने की बात कहा।वही मार्कफेड एवं खाद्य विभाग के अधिकारी प्रमोद सोम से जब जानकारी चाहा गया तो उन्होंने पुलिस और आरटीओ की जिम्मेदारी बता कर अपना पल्ला झाड़ लिया।

परिवहन ठेकेदार मनीष गुप्ता ने बताया की इस समय परिवहन का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।इसके बावजूद मेरे नाम से जो आरओ कटा था उन्ही आरओ के माध्यम से परिवहन का कार्य कराया जा रहा है,वही मेरे द्वारा अन्य राज्यो की वाहनों को नही बुलाया गया है और इस बात की जानकारी तक मुझे नही है।वंही इस पूरे मामले में वाहन चालको ने बताया ठेका गीदम निवासी मनीष गुप्ता का है और उन्होंने हमें धान परिवहन के लिए बुलाया है।

जिले के प्रभारी आरटीओ प्रदीप वैध से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा की धान से सबंधित मामला है तो इसकी जानकारी नान के अधिकारी ही दे पाएंगे कहकर अपना पल्ला झाड़ दिया जबकि वाहनों के टेक्स – फ़िटनेस ओर ओवरलोडिंग पर आरटीओ ही कार्यवाही करता है

सभी अधिकारियों और ठेकेदार की बातों से यही प्रतीत होता है कि धान खरीदी के बाद परिवहन में भी कोई लम्बा खेल निर्बाध रूप से जारी है,जिसमे आरटीओ और पुलिस की सहमति प्राप्त है।बहुत जल्दी इस मामले पे बड़ा खुलासा किया जायेगा और इस पर्दे के पीछे के खेल का पर्दाफाश किया जायेगा।
जब कुछ वाहन के अधूरे कागजातों के साथ धान परिवहन की जानकारी मीडिया को मिली तो उन्होंने नेमेड थाना प्रभारी संजीव बैरागी को दी जिस पर टीआई बैरागी द्वारा गाड़ियों को रोक कर दस्तावेजो की जांच में वाहनों का नेशनल परमिट खत्म हो चुका था वंही गाड़ियों में 5 से 7 टन ओवरलोडिंग धान भरा पाया गया जिसके बाद दो वाहनों को पांच – पांच हजार की चालानी कार्यवाही कर वाहनों को छोड़ दिया गया

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