छत्तीसगढ़

ग्रामीण श्रमिकों को सीधे रोजगार देकर आमदनी के स्थायी साधनों को किया मजबूत,

ग्रामीण श्रमिकों को सीधे रोजगार देकर आमदनी के स्थायी साधनों को किया मजबूत,
अजय शर्मा ब्यूरो सबका संदेश व संभाग प्रमुख
49 लाख से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजन कर किया गया 91 करोड़ 33 ला हबख रूपये का मजदूरी का भुगतान,
जांजगीर-चांपा 17 दिसंबर 2020/ छत्तीसगढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक एक लाख 21 हजार 740 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार मुहैया कराने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में मनरेगा के साथ ही अन्य विभागों की योजनाओं के अभिसरण से ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी आजीविका का संवर्धन किया जा रहा है। मनरेगा के जरिए सीधे रोजगार देने के साथ ही उनकी आमदनी के स्थायी साधनों को और मजबूत किया जा रहा है।
जिला पंचायत जांजगीर से प्राप्त जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत इस वर्ष जिले में अब तक 1 लाख 63 हजार 500 परिवारों के करीब 3 लाख 263 हजार श्रमिकों को काम दिया गया। मनरेगा के तहत 49 लाख से अधिक मानव दिवस का सृजन कर 91 करोड़ 33 लाख रूपये का मजदूरी का भुगतान किया गया है। जिले में इस वर्ष 3793 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार दिया गया है। वन अधिकार पट्टाधारी 17 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया गया। मनरेगा अभिसरण से धान उपार्जन केन्द्रों में 720 पक्के चबूतरों का निर्माण स्वीकृत किया गया है जिसमें से 711 कार्य पूर्ण हो चुके है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले में 26 नवीन पंचायत भवन निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए है जिसमें से 16 कार्य पूर्ण हो चुके है तथा 10 कार्य प्रगतिरत है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले में तालाब गहरीकरण के 602 कार्य, निजी डबरी निर्माण के 40 कार्य एवं नया तालाब निर्माण के 79 कार्य स्वीकृत कर कराए जा रहे है।

Related Articles

Back to top button