छत्तीसगढ़

डबरी निर्माण से खुशहाल हुआ जीवन : रोजगार के साथ-साथ खेतों में लहलहायी फसल

असिंचित भूमि में डबरी निर्माण होने से किसी परिवार के जीवन में खुशहाली आना किसी सपने से कम नहीं है, जो गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में चल रहे मनरेगा अंतर्गत होने वाले कार्याें से संभव हो सका है। यह कहानी मरवाही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत अमेराटिकरा निवासी श्रीमती बचन बाई की है। इनका परिवार मनरेगा अंतर्गत होने वाले कार्य में मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहे थे। उनकी अपनी भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में कृषि कार्य और अन्य फसलों का उत्पादन करने में असमर्थ थे। सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक द्वारा उन्हें महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत कराए जाने वाले कार्याें से अवगत कराया गया और उनकी असिंचित भूमि में 1 लाख 18 हजार 800 रूपए की लागत से डबरी निर्माण कार्य की पूर्ण किया गया। इस निर्माण कार्य से उनके परिवार और ग्रामवासियों को 687 दिवस का रोजगार प्राप्त हुआ। डबरी निर्माण होने के बाद उनकी भूमि में सिंचाई की व्यवस्था भी हो गई। श्रीमती बचन बाई ने लगभग 0.60 एकड़ भूमि में धान की फसल लगायी। डबरी निर्माण से जहां उनको रोजगार प्राप्त हुआ, वहीं उनकी खेतों में धान की फसल भी लहलहायी जिससे वह काफी खुश है। अब और अधिक आमदनी की संभावना को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अब उनका परिवार धान उत्पादन के बाद साग-सब्जी एवं दलहन की फसल भी लेना चाहेंगे। वह आज शासन की इस लाभकारी योजना से खुश है और उनका परिवार आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर है।

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