प्रशासन की बात ना मानने का नतीजा है सरपंच की मौत

प्रशासन की बात ना मानने का नतीजा है सरपंच की मौत
जम्मू 6 अगस्त/ राष्ट्रीय बाल्मीकि सेना के नेशनल चेयरमैन श्री राजू चंदेल नेआज कश्मीर घाटी में आतंकवादियों द्वारा फिर एक नेता को मौत के घाट उतारे जाने पर इस हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की है और उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर प्रशासन पहले से ही अलर्ट था उन्होंने इस इलाके के पंच सरपंचों को सिक्योरिटी एरिया में ले जा कर रखा था परंतु बार-बार प्रशासन के खिलाफ इन सरपंचों ने धरना प्रदर्शन कर अपनी मनमानी की और सिक्योरिटी एरिया में रहने से मना कर दिया केंद्र व राज्य सरकार जम्मू कश्मीर के पंच व सरपंच कि सुरक्षा को लेकर गंभीर है परंतु जम्मू कश्मीर के पंच सरपंच वह कुछ राजनेता अपनी मनमानी पर तुले हुए हैं प्रशासन इनकी सुरक्षा को लेकर बहुत गंभीर है और उन्हें पहले ही घर से ले जाकर सुरक्षित स्थानों पर रखा था लेकिन जम्मू कश्मीर के पंच सरपंच ईद व अन्य
मजबूरियां बताते हुए प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने लगे जिसका नतीजा आज हमारे सामने हैं बेमौत हमारे यह भारत माता के लाल पंच सरपंच मारे जा रहे हैं आतंकवादी अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं श्री चंदेल ने कहा कि जम्मू कश्मीर के सरपंच वेपंस तथा वह राजनेता सरकारी आदेशों का पालन करें जिनको प्रशासन सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर रखना चाहता है यहां कुछ पता नहीं आतंकवादी कहां और किसके लिए घात लगाए बैठे हैं आतंकवादियों द्वारा जम्मू कश्मीर में पंच सरपंच राजनेताओं की हत्या आतंकवादियों का बेचैनी का कारण है क्योंकि हमारी हिंदुस्तान की फौज द्वारा जम्मू कश्मीर में लगातार चुन-चुन कर आतंकवादियों का जड़ से खात्मा किया जा रहा है जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के पैर लगभग पूरी तरह उखड़ चुके हैं आज अगर जम्मू कश्मीर के नेता पंच सरपंच प्रशासन का कहना माने तो यह बचे हुए छुपे हुए आतंकवादियों का भी जल्द खात्मा जम्मू कश्मीर पुलिस वह फौज पूरी तरह कर देगी
श्री चंदेल ने कहा कि जम्मू कश्मीर की आवाज को सरकार का पूरी तरह सहयोग नहीं मिल पा रहा है यह मुट्ठी भर आतंकवादी इक्का-दुक्का आता है मोहल्ले कालोनियों में किसी भी नेता को मार कर के चला जाता है अगर कश्मीर के मोहल्ले कॉलोनी के लोग मिलकर इन आतंकवादियों का सामना करें तो यह आतंकवादी अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं हो सकते जैसा कि पिछले दिनों में देखा जाता था कश्मीर वादी के नौजवान फौज पर पत्थर मारते थे अगर यही पत्थर अपने भाइयों को बचाने के लिए वही के लोग इन आतंकवादियों को मारना शुरू कर दें तो किसी भी आतंकवादी की हिम्मत नहीं कि किसी भी इनके पड़ोसी भाई पंच सरपंच को आतंकवादी मार कर के चला जाए आज जम्मू कश्मीर की आवाम को इकट्ठा होने की आवश्यकता है इस आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता है इस आतंकवाद से मिलकर अपने भाइयों पंचों सरपंचों को बचाने की आवश्यकता है



