छत्तीसगढ़

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स राष्ट्र की आर्थिक रीढ़ हैं: तोखन साहू

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स राष्ट्र की आर्थिक रीढ़ हैं: तोखन साहू

बिलासपुर। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की बिलासपुर शाखा द्वारा रायपुर, भिलाई एवं रायगढ़ शाखाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स राष्ट्र की आर्थिक रीढ़ हैं और देश की आर्थिक विश्वसनीयता उनके पेशेवर दायित्व पर टिकी है।
उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक पवित्र विश्वास है। जब कोई सीए किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करता है, तो वह केवल आंकड़ों की पुष्टि नहीं करता, बल्कि राष्ट्र के भरोसे पर अपनी मुहर लगाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सीए की मुहर की ताकत देश की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है।
राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि बीते एक दशक में भारत की अर्थव्यवस्था में आए परिवर्तन—जीएसटी, डिजिटल भुगतान, फेसलेस असेसमेंट, ई-ऑडिट और बेनामी संपत्ति व मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कठोर कदम—सीए समुदाय के सहयोग के बिना संभव नहीं थे। एक राष्ट्र, एक कर की अवधारणा को व्यवहार में उतारने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सेतु की भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, पीएम गति शक्ति एवं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं की सफलता में सीए प्रोफेशनल्स की भूमिका निर्णायक रही है। आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है और युवाओं को वित्तीय अनुशासन एवं कंप्लायंस का मार्गदर्शन सीए समुदाय प्रदान कर रहा है।
कार्यक्रम में आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीए प्रसन्ना कुमार डी, एसईसीएल के वित्तीय नेतृत्व का प्रतिनिधित्व कर रहे डारला सुनील कुमार, आईसीएआई मध्य भारत क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष सीए अंकुर गुप्ता, उपाध्यक्ष सीए दिनेश अग्रवाल सहित बिलासपुर, रायपुर, भिलाई एवं रायगढ़ शाखाओं के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे।
अपने संबोधन के अंत में तोखन साहू ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन संपन्न राज्य की भूमिका महत्वपूर्ण है और इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने आयोजन के लिए आईसीएआई को बधाई देते हुए कहा कि यह संगोष्ठी देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगी।

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