मां के दूध से बनाई जा सकती है Covid-19 की एंटीबॉडी, रिसर्च में दावा | covid-19 mothers breast milk new antibody test coronavirus lockdown | nation – News in Hindi

रिसर्च में दावा, मां के दूध से कोरोना वायरस की एंटीबॉडी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शोधकर्ताओं ने महिला के स्तन के दूध से एंटीबॉडी बनाकर उसका परिक्षण किया. रिसर्च में पता चला कि मां के दूध में कोविड-19 (Covid-19) के एंटीबॉडी हो सकते हैं जो बच्चों का संक्रमण से बचाव कर सकता है.
Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक महिला के स्तन के दूध से एंटीबॉडी बनाकर उसका परिक्षण किया गया. रिसर्च में पता चला कि मां के दूध में कोविड-19 के एंटीबॉडी हो सकते हैं जो बच्चों का संक्रमण से बचाव कर सकता है. इसी वजह से संक्रमित महिलाओं को भी अपने बच्चों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए स्तनपान जारी रखने की सलाह दी गई है. शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि मां के दूध से वायरस का संचारण नहीं होता है और दूध में निश्चित तौर पर एंटीबॉडी हो सकता है.
बच्चों में कोरोना का खतरा बताया गया था कम
इससे पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कोरोना वायरस (Corona Virus) वयस्कों, खास तौर से उम्रदराज़ वयस्कों और कमज़ोर इम्यूनिटी (Immunity) वालों को ही ज़्यादातर प्रभावित कर रहा है और बच्चों को इससे बहुत कम खतरा है. लेकिन पिछले कुछ हफ्तों के आंकड़े देखें तो अमेरिका (USA), यूके, फ्रांस, इटली (Italy), स्पेन और स्विटज़रलैंड में करीब 100 ऐसे मामले आए, जिनमें बच्चों में कावासाकी सिंड्रोम जैसे लक्षण पाए गए. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जांच कर रहा है कि इस सिंड्रोम का कोविड 19 (Covid 19) संक्रमण से क्या संबंध है.क्या है कावासाकी सिंड्रोम?
यह एक ऐसी बीमारी है जिससे रक्तनलिकाएं (Blood Vessels), हृदय और अन्य अंग प्रभावित होते हैं. तेज़ बुखार, लो ब्लड प्रेशर, खराशें और सांस में मुश्किल इसके लक्षण (Symptoms) के तौर पर सामान्य रूप से पांच साल से कम उम्र के बच्चों में दिखते हैं. लेकिन, भारत (India) में यह बीमारी इस उम्र से बड़े बच्चों में भी देखी गई है. हृयूमैटिक फीवर (Rheumatic Fever) के बाद यह सबसे बड़ा कारण है, जो बच्चों में दिल के रोग (Heart Disease) पैदा करता है.
बच्चों में कई प्रकार के लक्षण
वहीं, कुछ डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस के संपर्क में आने से कुछ बच्चों में दुर्लभ, जानलेवा लक्षण विकसित हो रहे हैं. जिसे शोधकर्ता ‘पीडियाट्रिक मल्टी-सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम बता रहे हैं. इसे भी संभावित रूप से कोविड-19 से जुड़ा लक्षण बताया जा रहा है’ डॉक्टरों को छोटे बच्चों में कई प्रकार के लक्षण नजर आ रहे हैं जो उनके शारीरिक अंगों को प्रभावित कर सकते हैं.
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First published: May 10, 2020, 5:35 PM IST




