छत्तीसगढ़

SVEP योजना से बदली गीता की तकदीर लाकडाउन के दौरान बढ़ाई अपनी आजीविका

सबका संदेश/भानपुरी । लाक डाउन के इस मुश्किल दौर में बस्तर विकासखण्ड में SVEP योजना के अन्तर्गत समूह के महिलाओं के द्वारा खोले गए व्यक्तिगत किराना दूकान के माध्यम से ग्राम पंचायतो में ग्रामीण जन को किराना का सामान उपलब्ध कराने के साथ साथ अच्छी आमदनी कर रही है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की उपयोजना प्रारंभिक ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम बस्तर जिला के विकाशखण्ड बस्तर में संचालित है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्व सहायता से जुड़ी ग्रामीण महिलाओ और इनके परिवार के लोगो को व्यावसायिक गतिविधि के माध्यम से रोजगार से जोड़कर गरीबी को खत्म करना है।
बस्तर विकासखण्ड के ग्राम सोनारपाल की श्रीमती गीता सोनी, पति तीरथ सोनी मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे, बेरोजगारी और बढ़ते मंहगाई के दौर में मजदूरी से प्राप्त रुपया इनके परिवार के लिए पर्याप्त नहीं होता था, जिससे इनके परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, एक अछि बात यह थी की गीता सोनी स्व सहायता समूह से जुडी हुई थी , समूह बैठक के दौरान SVEP के सी आर पी ई पी द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की उपयोजना प्रारंभिक ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम (SVEP) के बारे में जानकारी दिया गया जिससे प्रेरित होकर गीता सोनी के द्वारा किराना दूकान का व्यवसाय करने का निर्णय लिया गया, गीता सोनी को SVEP योजना के माध्यम से 30000 रुपए प्राप्त हुआ, तथा इन्होंने स्वयं 10000 रूपये का राशि लगाकर कुल 40000 रूपये से किराना व्यवसाय प्रारम्भ की, गीता अपने परिवार को ससक्त तथा खुशहाल बना रही है।

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