सुर्खियां बटोरने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करे कांग्रेस सरकार – अनिल सिंह

सबका संदेश छत्तीसगढ़ कबीरधाम
कवर्धा । भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने प्रदेश सरकार के उस फैसले को वापस लेने की माॅंग कि ह।
जिसमें सरकार ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जारी लाॅकडाउन में प्रभावित गरीब परिवारों को सामाजिक संस्थाओं द्वारा सीधे सहायता सामग्री पहुँचाने पर रोक लगाई गई है। जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने राज्यपाल के नाम से ज्ञापन देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस फैसले में उनकी राजनीतिक मानसिकता तो झलक ही रही है, साथ ही सरकार स्वयंसेवी संस्थाओं के उस जज्बे का अपमान भी कर रही है जो संकट की इस घड़ी में समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए खड़ा हो रहा है। उन्होने कवर्धा कलेक्टर को पत्र लिखकर जिले में सामाजिक – धार्मिक संगठनों सहित सेवाकार्य कर रहे लोगों के लिए भोजन, सुखा राशन वितरन करने के लिए प्रतिबंध को शिथिल करने की माॅंग किया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने अपने ताजा फैसले में शासन ने कहा है कि अब किसी भी प्रकार की सहायता सामग्री सरकार व प्रशासन के माध्यम से ही प्रभावित परिवारों तक पहुँचेगी । सभी गैर सरकारी संस्थाएँ अब सरकार को सामग्रियाँ मुहैया कराएगी और सरकार उनका वितरण करेगी । भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के पास इतने संसाधन भी नहीं हैं कि वह हर प्रभावित गरीब परिवारों की जानकारी जुटाकर उन्हें सहायता सामग्री पहुँचा सके, तो फिर सरकार ने इस तरह का तुगलकी फैसला क्या सोचकर लिया है? एक तरफ सरकार संसाधनों की कमी का रोना रो रही है और दूसरी तरफ स्वस्फूर्त सहायता व सेवा कार्य के लिए आगे आ रहीं स्वयंसेवी व सामाजिक संस्थाओं को रोकने का निंदनीय कृत्य कर रही है । इस तरह सरकार अपने गरीब विरोधी राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन कर रही है । यह समय सस्ती सुर्खियाॅं बटोरने या प्रचार करने का नही है, लेकिन अपना फोटो छपाने की भूख ने मुखिया का विवेक खत्म कर दिया है । उन्होंने याद दिलाया कि फोटो की इसी भूख ने प्रदेश के गरीबों को हफ्तों तक राशन कार्ड बनाने के लिये परेशान कर दिया था। कम से कम इस समय कांग्रेस सरकार ओछी राजनीति छोड़कर अपने इस फैसले को तुरंत वापस ले। उन्होने कहा कि श्रेय और वाहवाही लूटना छोड़ प्रदेश सरकार को मैदानी स्तर पर ईमानदारी से काम करना चाहिये । यह समय राजनीति से ऊपर उठ कर काम करने का है । इसके साथ ही उन्होने ज्ञापन में अन्य राज्यों में लाॅकडाउन में फंसे हुए मजदूरों को एक-एक हजार रूपए आपदा कोष से देने, सभी मेडिकल काॅलेजों पर कोरोना टेस्ट सहित पीपीई किट, टेस्ट किट, वेंटिलेटर हेतु कार्ययोजना बनाकर प्रदेश सरकार द्वारा तत्काल खरीदी की व्यवस्था करने की माॅंग की है ।



