मध्यप्रदेश

सिर्फ एक लाइन से गढ़ा गया माधुरी दीक्षित का 38 साल पुराना गाना, लावणी स्टाइल में धक-धक गर्ल ने किया डांस, अनुपमा देशपांडे की आवाज में बना कल्ट

माधुरी दीक्षित बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में से हैं, जिन्होंने अपने डांस और परफॉर्मेंस से कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है. उनकी एक पुरानी फिल्मों के गाना आज भी लोगों को थिरकने पर मजबूर कर देता है, क्योंकि माधुरी दीक्षित जितनी अच्छा अदाकारा हैं, उतनी की अच्छी एक डांसर पर रही हैं. उन्होंने कई गानों को अपने डांस से हिट बनाया है. ऐसा ही उनका एक गाना है जो 38 साल पहले रिलीज हुआ था. जिसे आज भी खूब पसंद किया जाता रहा है. 

अनुपमा देशपांडे की एक लाइन से निकला गाना

साल 1990 में आई फिल्म ‘सैलाब’ का गाना ‘हमको आजकल है इंतजार’ माधुरी दीक्षित के करियर का एक बड़ा चार्टबस्टर माना जाता है. इस गाने को सुनते ही पैर अपने आप थिरकने लगते हैं. खास बात यह है कि इस गाने में लीड सिंगर अनुपमा देशपांडे ने सिर्फ एक लाइन गाई थी. बाकी पूरा गाना कोरस ने गाया. गाने की शुरुआत ‘हमको आजकल है इंतजार…’ से होती है, जिसे अनुपमा ने गाया था. बाकी हिस्सा कोरस का है.

हमको आजकल है इंतजार’ गाने का म्यूजिक बप्पी लाहिरी ने दिया था. बोल जावेद अख्तर के हैं. कोरियोग्राफी सरोज खान ने की थी. सरोज खान को इस गाने के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. गाने की कोरियोग्राफी लावणी स्टाइल में की गई थी, जो उस समय बहुत पसंद की गई. आज भी रियलिटी शो, पार्टियों और शादियों में यह गाना बजाया जाता है. लोग इसे सुनकर नाचने लगते हैं.

फिल्म ‘सैलाब’ के बारे में

फिल्म ‘सैलाब’ का निर्देशन दीपक बलराज विज ने किया था. इसमें माधुरी दीक्षित और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिका में थे. फिल्म की कहानी एक डॉक्टर सुषमा मल्होत्रा की है. वह एक एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति का इलाज करती हैं, जिसकी याददाश्त चली गई होती है. वह उसका नाम कृष्णा रखती हैं. धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं और शादी कर लेते हैं. लेकिन बाद में पता चलता है कि कृष्णा असल में एक हत्यारा था. कहानी में कई ट्विस्ट हैं

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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