छत्तीसगढ़

प्याज की उन्नत खेती को बढ़ावा देने कृषक प्रशिक्षण सह प्रक्षेत्र दिवस संपन्न

प्याज की उन्नत खेती को बढ़ावा देने कृषक प्रशिक्षण सह प्रक्षेत्र दिवस संपन्न

कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा प्रक्षेत्र दिवस का किया गया आयोजन

कवर्धा, 11 मार्च 2026। कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत प्याज के अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत ग्राम गांगपुर में कृषक प्रशिक्षण सह प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन 10 मार्च को किया गया। उक्त कार्यक्रम 35 एकड़ रकबा में संचालित प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें योजनांतर्गत लाभान्वित कृषकों को प्याज की उन्नत किस्म भीमा किरण का बीज तथा पौध संरक्षण के लिए आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के पूर्व कृषकों को प्याज की उन्नत खेती की वैज्ञानिक पद्धति, उन्नत किस्मों के चयन, रोपण विधि, पोषक तत्व प्रबंधन तथा रोग एवं कीट नियंत्रण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रक्षेत्र दिवस के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों के खेतों में स्थापित प्रदर्शन प्लॉट का अवलोकन कर फसल की स्थिति का मूल्यांकन किया गया तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.पी. त्रिपाठी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्याज की फसल में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों के समन्वित प्रबंधन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कृषकों को फसल चक्र अपनाने की सलाह देते हुए बताया कि इससे भूमि की उर्वरता बनी रहती है तथा रोग-कीट का प्रकोप कम होता है।
उन्होंने बताया कि प्याज में थ्रिप्स कीट के नियंत्रण हेतु स्पाइनोटोरम 11.7 प्रतिशत एससी (डेलीगेट) 20 मिली प्रति 15 लीटर पानी अथवा फिप्रोलिन 5 प्रतिशत एससी 250 मिली प्रति एकड़ का छिड़काव किया जा सकता है। इसी प्रकार बैंगनी धब्बा रोग के नियंत्रण के लिए एजोक्सीस्ट्रोबिन 18.2 प्रतिशत एससी ़ डाइफेनोकोनाजोल 11.4 प्रतिशत एससी का 1 मिली प्रति लीटर पानी की दर से 10 से 15 दिन के अंतराल में 2 से 3 बार छिड़काव करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. एन.सी. बंजारा ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के उद्देश्यों एवं कृषकों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा के वैज्ञानिक इंजी. टी.एस. सोनवानी ने प्याज की खुदाई, ग्रेडिंग एवं सुरक्षित भंडारण की वैज्ञानिक विधि के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर डॉ. बी.एस. परिहार, जनपद सदस्य श्री ईश्वरी साहू, ग्राम गांगपुर के सरपंच सहित लगभग 100 कृषकों ने कार्यक्रम में भाग लेकर तकनीकी जानकारी प्राप्त की।

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