बेंगलुरु में कल से बंद रहेंगे 3000 से ज्यादा होटल, कमर्शियल LPG सप्लाई ठप! इजरायल-ईरान युद्ध की आंच पहुंची रेस्टोरेंट तक

बेंगलुरु शहर में कल से बाहर खाना या नाश्ता करना मुश्किल हो सकता है. शहर के करीब 3000 से ज्यादा होटलों और रेस्टोरेंट्स ने रसोई बंद करने का फैसला लिया है. यह स्थिति इजरायल-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन (विशेषकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य/Strait of Hormuz) के बाधित होने और घरेलू स्तर पर गैस की कीमतों में आई भारी उछाल का परिणाम है.
बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन का फैसला
एसोसिएशन के अनुसार, कमर्शियल LPG की सप्लाई अचानक रोक दी गई है.सप्लाई संकट: तेल कंपनियों ने पहले आश्वासन दिया था कि युद्ध के बावजूद कम से कम 70 दिनों तक गैस की आपूर्ति बाधित नहीं होगी. लेकिन अब सप्लाई रुकने से होटलों के पास कल से कामकाज बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा हैअसर: इस फैसले से उन छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी जो रोजाना के भोजन के लिए होटलों पर निर्भर हैं.
इजरायल-ईरान युद्ध का वैश्विक प्रभाव
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी आई है. भारत अपनी जरूरत की 85-90% LPG आयात करता है. आपूर्ति में कमी को देखते हुए भारत सरकार ने रिफाइनरियों को घरेलू (घरेलू रसोई) गैस को प्राथमिकता देने और कमर्शियल सप्लाई को सीमित करने के निर्देश दिए हैं, जिसका सीधा असर होटल इंडस्ट्री पर पड़ा है.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस संकट के लिए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और कीमतों में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया है:
कीमतों में उछाल: हाल ही में कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹115 और घरेलू सिलेंडर में ₹60 की बढ़ोतरी की गई है.
मुख्यमंत्री का तर्क: सीएम ने कहा कि होटल एसोसिएशन का विरोध जायज है क्योंकि केंद्र ने दाम बढ़ा दिए हैं और ऊपर से सप्लाई भी बाधित है. उन्होंने इसे केंद्र की ‘गलत विदेश नीति’ का नतीजा बताया है.
होटल कंपनियों पर दिखेगा असर
देशभर के अलग अलग हिस्सों में रेस्तरां/होटल की शिकायतें आ रही हैं. उनका कहना है कि उन्हें पूरी एलपीजी सप्लाई नहीं मिल रही है. इसकी वजह से उम्मीद है कि होटल कंपनियों पर कल यानी मंगलवार को इसका असर देखने को मिल सकता है.
होटल उद्योग की मांग
होटल मालिकों का कहना है कि वे पहले से ही बढ़ती महंगाई और खाद्य सामग्रियों के बढ़ते दामों से जूझ रहे हैं. अब गैस की किल्लत ने उनकी कमर तोड़ दी है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने और ‘आवश्यक सेवाओं’ के तहत गैस आपूर्ति बहाल करने की अपील की है.
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने एक्स पर लिखा है- ‘खबरों के अनुसार सरकार ने साफ किया है कि रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के लिए कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. लेकिन जमीन पर स्थिति इससे अलग नजर आ रही है, क्योंकि गैस सप्लायर कमर्शियल सिलेंडर देने में असमर्थता जता रहे हैं. इस वजह से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर गंभीर असर पड़ रहा है और इससे आम लोगों तक भोजन जैसी जरूरी सेवा की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है. हम सरकार से इस मामले में जल्द स्पष्टता और जरूरी हस्तक्षेप की मांग करते हैं.’
बेंगलुरु जैसे शहर के लिए होटलों का बंद होना एक बड़ा संकट है. यदि सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई, तो शहर की आर्थिक गतिविधियों और आम जनजीवन पर इसका गहरा असर पड़ेगा. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या केंद्र सरकार कमर्शियल सेक्टर के लिए कोई विशेष राहत पैकेज या सप्लाई बैकअप की घोषणा करती है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1- बेंगलुरु के होटल कल (10 मार्च) क्यों बंद रहेंगे?
कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई अचानक रुकने और कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है.
2- क्या घरेलू गैस की सप्लाई पर भी असर पड़ा है?
सरकार ने घरेलू गैस को प्राथमिकता दी है, लेकिन इसकी कीमतों में ₹60 की बढ़त हुई है और जमाखोरी रोकने के लिए बुकिंग के नियमों में बदलाव (जैसे 25 दिन का लॉक-इन) किया गया है.
3- युद्ध का गैस की कमी से क्या संबंध है?
भारत की अधिकांश गैस आयात होकर खाड़ी देशों से आती है. युद्ध के कारण समुद्री रास्ते (Strait of Hormuz) से होने वाला व्यापार प्रभावित हुआ है.
4- होटल दोबारा कब खुलेंगे?
एसोसिएशन का कहना है कि जब तक सप्लाई सामान्य नहीं होती और कीमतों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक संचालन मुश्किल है.
5- मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने क्या सुझाव दिया है?
उन्होंने केंद्र सरकार से कीमतों को कम करने और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.



