फरवरी के बाद अटैक करते हैं सांप, कोरबा के एक्सपर्ट से समझें कौन सी सावधानी जरूरी

कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले को अक्सर नाग लोक कहा जाता है. यहां की समृद्ध जैवविविधता में दुर्लभ वन्य जीवों की भरमार है और सबसे बड़ी बात है विश्व का सबसे बड़ा विषधर किंग कोबरा इस जिले में पाया जाता है. कोरबा के घने जंगल जलाशयों और सूखे मैदानों में विभिन्न सर्प प्रजाति पाए जाते है.धरती पर चलने वाले ये मौत के सौदागर जब तापमान बढ़ता है तो अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलकर मनुष्य के घर आंगन में कदम रख लेते हैं.
गर्मियों में सर्प‑दांस की लहर
स्थानीय सर्पमित्र एवं रेस्क्यू कार्यकर्ता जितेंद्र सारथी के अनुसार सर्दियों में अधिकांश सर्प शीत निद्रा में डूबे रहते हैं इसलिए सर्प दांस की घटनाएं काफी घट जाती हैं.लेकिन जैसे ही मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान ऊपर चढ़ता है इन निष्क्रिय जीवों की प्रवृत्ति जागृत हो जाती है. ठंडे स्थान की तलाश में वे बगीचे, टाइल छत, बाथरूम और कभी‑कभी बेडरूम तक पहुँच जाते हैं.
मार्च और अप्रैल को सर्पों का प्रजनन काल भी माना जाता है. इस अवधि में नर और मादा दोनों अधिक सक्रिय होते हैं. क्षेत्र परिसीमा का विस्तार करते हैं और अपनी साथी खोजने के लिये अक्सर घर पत्थर के दरारों, जल निकासी पाइपों, बगीचे की मोटी घास या खेत में घुसपैठ कर लेते हैं. यह आक्रामक स्वभाव और बढ़ती संख्या ही सर्पदांस की के मामले मे अचानक उछाल का कारण बनता है.रोकथाम के उपाय
घर के चारों ओर कूड़े कर्कट, पत्ते को हटाएँ.ये सर्पों के छुपने के प्रमुख स्थान होते हैं. खिड़की, दरवाज़े और वेंटिलेशन की जाली को बंद के रखिए ताकि सर्प छोटे‑छोटे दरवाज़ों से न घुस सके. स्लैब और नालियों में पानी के स्थायित्व को कम रखें. सर्प पानी के स्रोतों के निकट रहना पसंद करते हैं.बगीचे में घास को कम रखें, पॉट पौधों को धूप वाले स्थान पर रखें.



