छत्तीसगढ़

जिला स्तरीय माता उन्मुखीकरण कार्यशाला का हुआ आयोजन

जिला स्तरीय माता उन्मुखीकरण कार्यशाला का हुआ आयोजन

एफएलएन मेला में “स्मार्ट माता” का किया गया सम्मान कवर्धा 1 मार्च 2026। जिले में शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में जिला स्तरीय माता उन्मुखीकरण कार्यशाला एवं एफएलएन मेला का आयोजन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के समीप शाला परिसर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी सत्र 2026-27 में प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चों का स्वागत करना तथा उनके माता-पिता, विशेषकर माताओं और समुदाय को शिक्षा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक श्री गोपाल वर्मा तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल के निर्देशन में किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा एवं जिला मिशन समन्वयक विनोद श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को विद्यालय जाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ माताओं को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में नन्हे बच्चों का पारंपरिक स्वागत किया गया। माता संवाद एवं प्रेरणा सत्र, बाल कला, गीत, खेल और कहानी जैसी शैक्षिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से शिक्षा को उत्सव के रूप में मनाया गया। विशेष रूप से “स्मार्ट माता” की सहभागिता सुनिश्चित की गई, जिन्हें शाला प्रवेश उत्सव के दौरान बच्चों को अपेक्षित दक्षताओं तक पहुंचाने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। माताओं को घर पर बच्चों के लिए सीखने-सिखाने का अनुकूल वातावरण तैयार करने के उपाय भी बताए गए, जिससे बच्चों के कौशल का समग्र विकास हो सके। 25 अप्रैल को पढ़ाई तिहार मनाने के लिए 10 काउंटर लगाकर सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले बच्चों की शाला प्रवेश से संबंधित तैयारी कैसे करे इस संबंध में जानकारी शिक्षकों द्वारा दी गई। माताएं अपने बच्चों के साथ रोचक खेल गतिविधियों में शामिल हुईं। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले में “अंगना में शिक्षा” कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के डीएमसी श्री विनोद श्रीवास्तव, एपीसी श्री राकेश चंद्रवंशी, श्री राजेश कौशिक, बीआरसी श्री कन्हैयालाल साहू, श्री बीआरपी नरेश कुमार सोनी सहित अन्य शिक्षा अधिकारियों, कस्तूरबा गांधी विद्यालय की अधीक्षिका एवं शिक्षिकाओं ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में जिले के प्रत्येक विकासखंड से एफएलएन स्टॉल लगाए गए, जिनमें संबंधित शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। अतिथियों के रूप में श्रीमती किरण चौबे, श्रीमती आशा पटवा, श्रीमती झामीन साहू, श्रीमती पार्वती राजेंद्र पाली एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्यामलता साहू उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला मिशन समन्वयक विनोद श्रीवास्तव ने निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (एफएलएन) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कक्षा 3 तक के बच्चों में समझ के साथ पढ़ने और बुनियादी गणितीय कौशल विकसित करना इसका मुख्य उद्देश्य है। 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए पढ़ना, लिखना, जोड़ना-घटाना जैसी बुनियादी दक्षताओं को सुनिश्चित करना इस मिशन का लक्ष्य है। खंड स्रोत समन्वयक श्री कन्हैयालाल साहू ने भी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन बीआरपी नरेश कुमार सोनी ने किया तथा आभार प्रदर्शन सहायक परियोजना अधिकारी राजेश कौशिक ने किया। कार्यक्रम में चारों विकासखंडों से एफएलएन एवं “अंगना में शिक्षा” कार्यक्रम से जुड़ी माताओं, शिक्षिकाओं एवं कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

Related Articles

Back to top button