रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद एयर एंबुलेंस क्रैश, विमान में सात लोग थे सवार

रांची। रांची से दिल्ली के लिए निकला क्राफ्ट एयर एंबुलेंस रडार से गायब हो गया। उसके बाद उसके चतरा के सिमरिया थाना क्षेत्र के कसारी गांव इलाके मे दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिल रही है।रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया में क्रैश हो गई. विमान का संपर्क टेकऑफ के कुछ देर बाद ATC से टूट गया था. एयरपोर्ट निदेशक ने हादसे की पुष्टि की है. फिलहाल स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें जंगलों में राहत कार्य में जुटी हैं.
रांची एयरपोर्ट के निदेशक ने पुष्टि की है कि एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत करमाटांड़ गांव के पास स्थित घने जंगलों में क्रैश हो गई है. विमान ने रांची एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए टेकऑफ किया था, लेकिन रास्ते में ही उसका संपर्क रडार से टूट गया.
उस मरीज की मौत हो गई है जिसे इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए लाया जा रहा है. मरीज की पहचान 41 साल के संजय कुमार के रूप में हुई है जिन्हें बर्न इंजरी हुई थी. हादसे की सूचना मिलते ही चतरा जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके की ओर रवाना हो गई हैं. राज्य सरकार और DGCA इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच की तैयारी कर रहे हैं.विमान में कुल 7 लोग सवार थे. इनमें 01 मरीज, 01 डॉक्टर और 01 पैरामेडिक, 02 अटेंडेंट (मरीज के परिजन), 01 मुख्य पायलट (PIC) और 01 को-पायलट शामिल था.
DGCA का बयान
डीजीसीए (DGCA) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, ‘23.02.2026 को रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट C90 विमान (पंजीकरण संख्या: VT-AJV), जो “-दिल्ली” सेक्टर पर मेडिकल इवैक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) उड़ान भर रहा था, झारखंड के चतरा जिले की कसारिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में चालक दल के दो सदस्यों सहित कुल सात लोग सवार थे.’
बयान में आगे कहा, ‘विमान ने रांची से भारतीय समयानुसार शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी. कोलकाता (एटीसी) के साथ संपर्क स्थापित करने के बाद, शाम 7:34 बजे विमान का संचार और रडार संपर्क टूट गया. जिला प्रशासन की खोज एवं बचाव टीम घटना स्थल पर मौजूद है और जांच के लिए एएआईबी (AAIB) की टीम रवाना की जा रही है.।चतरा के एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिली है और पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है. उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ही स्थिति की स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी. घटनास्थल घने जंगल से घिरा इलाका बताया जा रहा है, जहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण है.


