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कुम्हारों को मटके-मूर्तियों के लिए नहीं मिल रही मिट्टी, उनके नाम पर चल रहे 200 अवैध ईंट भट्ठे

जिले में ईंट भट्ठों का अवैध कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। हालात यह हैं कि कुम्हारों और प्रजापति समाज को परंपरागत रूप से मिट्टी के बर्तन और मूर्तियां बनाने के लिए मिट्टी की जरूरत होती है। उन्हें ही पर्याप्त मिट्टी नहीं मिल पा रही है। दूसरी ओर, उनके नाम की आड़ में प्रभावशाली लोग सैकड़ों ईंट भट्ठे चला रहे हैं। अनुमान है कि रायसेन तहसील में ही 200 से ज्यादा ईंट भट्ठे बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहे हैं।

नदियों, तालाबों और छोटे नालों के आसपास की राजस्व और वन भूमि से बेधड़क मिट्टी की खुदाई की जा रही है। इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। राजस्व और वन विभाग को भी लाखों रुपए की हानि हो रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी है। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। भट्ठा संचालकों के हौसले बुलंद हैं। नियमों के अनुसार ईंट भट्ठा संचालन की अनुमति मुख्यतः एससी-एसटी और प्रजापति समाज के लोगों को दी जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके नाम का उपयोग कर दूसरे समाज के प्रभावशाली लोग कारोबार चला रहे हैं।

भोपाल रोड पर नीमखेड़ा के पास केवटी गांव में संचालित एक भट्ठे पर मजदूरों को कर्ज के बदले बंधुआ बनाकर काम कराने का मामला सामने आया है। एक दिन पहले एसडीओपी नीलम चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सरोज अग्निवंशी और नायब तहसीलदार अमृता सुमन ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। दूसरे दिन भी टीम ने ईंट भट्ठे पर पहुंचकर सबूत जुटाए। तीन परिवारों को बंधक बनाकर काम कराने की बात सामने आई है। प्रशासन ने 20 परिवारों के 84 लोगों का मेडिकल परीक्षण जिला अस्पताल लाकर कराया है। विनीता बाईं और लक्ष्मण ने बताया कि उन्हें बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था।

^केवटी गांव में ईंट भट्ठे पर मजदूरों को बंधुआ रूप में रखकर काम कराने के मामले में दूसरे दिन भी जांच की गई है। मौके से डायरी जब्त की गई है। मजदूरों से एग्रीमेंट संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि बंधुआ मजदूरी एक्ट के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। -मनीष शर्मा, एसडीएम रायसेन

प्रजापति समाज के अध्यक्ष लखन चक्रवर्ती ने बताया कि कुम्हारों को मटके और मूर्तियां बनाने के लिए भी मिट्टी नहीं मिल रही है। पिछले पांच-छह वर्षों से समाज की ओर से कलेक्टर को आवेदन दिए जा रहे हैं। समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज के नाम की आड़ में अवैध भट्ठे संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

श्रम मंत्री के बयान के बाद कार्रवाई प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने श्रम कानून के 50 वर्ष पूरे होने पर बयान दिया था, “गौरव तब होगा, जब हमारे राज्य में बंधुआ मजदूरी का एक भी मामला नहीं होगा।” महज 10 दिन बाद रायसेन जिले में बंधुआ मजदूरी का मामला सामने आया है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है।

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