आंगनबाड़ी केंद्र में न बेंच डेस्क, न पेयजल की सुविधा, घर से खाना बना कर लाती हैं सेविका

पाटन प्रखंड के धंगरडीहा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र कोड संख्या-225 विभागीय दावों को फेल करता नजर आ रहा है। एक ओर सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल केंद्र बनाने के लिए टीवी व टैबलेट के माध्यम से शिक्षण कार्य संचालित करने और बेहतर पोषण व्यवस्था देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।केंद्र में बिजली, शौचालय और नल-जल जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। बच्चों के साथ-साथ सेविका और सहायिका को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।केंद्र की सेविका आरती देवी और सहायिका मनिता कुमारी ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष से केंद्र का संचालन हो रहा है, लेकिन अब तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। केंद्र को स्कूल किट के माध्यम से मिलने वाले डेक्स-बेंच की सुविधा नहीं मिली, बच्चें जमीन पर ही बैठकर शिक्षण कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि नल-जल योजना के तहत सोलर युक्त पानी टंकी लगाई गई थी, जिसे आठ महीने पूर्व क्षतिग्रस्त कर दिया गया। चापाकल भी खराब है और शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है।सेविका आरती देवी ने बताया कि विभाग की ओर से आज तक गैस चूल्हा और सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया है। मजबूरन वे अपने घर से निजी गैस चूल्हा लाकर बच्चों के लिए भोजन तैयार कर रही हैं। केंद्र तक पहुंचने के लिए समुचित रास्ता भी नहीं है। बरसात के दिनों में आसपास पानी भर जाने से बच्चों और कर्मियों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ती है।
बताया गया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।इस अव्यवस्था को लेकर बच्चों के अभिभावकों ने भी नाराजगी जताते हुए शीघ्र व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।



