चंडीघुघरा जलप्रपात: खड़गवां का बेस्ट टूरिस्ट प्लेस प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिला वन और पहाड़ों से घिरा है. ये इलाका जितना जंगली जानवरों के लिए सुरक्षित है, उतना ही ये इलाका पर्यटन के लिहाज से सुंदर है. खड़गवां विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोड़ांगी है, यहांं स्थित चंडीघुघरा जलप्रपात काफी सुंदर है. बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने आते हैं. पहाड़ की ऊंची चोटी से निकलकर पानी झरने के रूप में जब नीचे आता है तो चुंडीघुघरा जलप्रपात का नजारा अदभुत होता है. स्थानीय लोग कहते हैं कि वैसे तो यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. लेकिन पर्यटन विभाग अगर यहां पर सुविधाओं में इजाफा करता है. सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाता है तो बड़ी संख्या में लोग यहां और आ सकते हैं. स्थानीय जन प्रतिनिधि भी चाहते हैं कि इलाका का विकास पर्यटन के नजरिए से किया जाना चाहिए.
चंडीघुघरा जलप्रपात को विकसित करने की डिमांड
चंडीघुघरा जलप्रपात की खासियत यहां की शांति और कल कल बहता पानी है. काफी ऊंचाई से गिरने के चलते पानी की आवाज दूर से ही संगीत की तरह सुनाई पड़ती है. यहां पर एक माता का मंदिर भी है. जो भी लोग यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आते हैं, वो माता मंदिर में जाकर पूजा अर्चना करना नहीं भूलते. लोगों के बीच मान्यता है कि यहां माता मंदिर में पूजा करना शुभ होता है.यहां पूजा करने वाले की मनोकामना पूरी होती है. आबादी से दूर होने के चलते ये इलाका काफी साफ सुथरा है. लोग चाहते हैं पर्यटन का यहां बढ़ावा दिया जाए तो स्थानीय लोगों को रोजगार के मौके भी मिलेंगे.
पर्यटन बढ़ेगा तो रोजगार के अवसर पैदा होंगे
वहीं जनपद पंचायत खड़गवां के जनपद सदस्य युगांतर श्रीवास्तव ने इस स्थल को नई पहचान दिलाने के लिए अपने स्तर पर पहल शुरू की है. उन्होंने जिला कलेक्टर एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से आग्रह किया है कि चंडीघुघरा को पर्यटन मानचित्र पर स्थान दिलाने और इसके समुचित विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. उनका कहना है कि यदि इस दिशा में ठोस कार्य योजना बनाई जाए तो यह स्थल न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी देगा




