दुर्ग में ओबीसी प्राधिकरण की बैठक से पहले छिड़ गया विवाद,
जनसंपर्क विभाग पर लगा पक्षपात का आरोप

दुर्ग। दुर्ग में कल आयोजित होने जा रही छत्तीसगढ़ राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक से पहले जनसंपर्क विभाग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि जनसंपर्क विभाग के उप संचालक मृगेंद्र सोरी द्वारा चुनिंदा चहेते पत्रकारों को ही कवरेज पास जारी किए गए, जबकि कई अन्य सेटेलाइट और फील्ड पत्रकारों को पास नहीं दिया गया।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित पूरा मंत्रिमंडल, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में कई अहम घोषणाएं होने की संभावना है।
इतने बड़े स्तर के आयोजन के बावजूद बड़ी संख्या में पत्रकारों को कवरेज से वंचित कर दिया गया, जिससे पत्रकारों में नाराजगी देखी जा रही है। प्रभावित पत्रकारों का कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग करने वाले वास्तविक पत्रकारों को दरकिनार कर केवल कुछ चुनिंदा चेहरों को ही अनुमति दी गई है।
पत्रकारों ने इस निर्णय को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि यह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता के खिलाफ है, बल्कि समान अवसर के सिद्धांत का भी उल्लंघन है।
स्थानीय पत्रकार संगठनों ने मामले पर आपत्ति जताते हुए मांग की है कि जनसंपर्क विभाग सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को निष्पक्ष रूप से कवरेज की अनुमति दे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या सभी पत्रकारों को समान अवसर उपलब्ध कराया जाएगा या नहीं।



