बाजार में आ गया है नकली आलू, 3 तरीके से करें असली की पहचान… दुकानदार नहीं बना पाएगा बेवकूफ

आलू एक ऐसी सब्जी है जो लगभग हर घर में इस्तेमाल होती है, व्रत हो या फिर कोई खास दिन आलू का शामिल होना जरूरी हो जाता है. आलू चाट, आलू सब्जी या फिर कोई स्नैक्स बनाना हो, तो आलू को शामिल कर सकते हैं. हालांकि, मार्केट में इन दिनों मिलावटी सामान धड़ल्ले से बिक रहा है. चंद रुपयों के लिए मुनाफाखोरों ने अब तो आलू को भी नहीं छोड़ा है. जी हां, मार्केट में अब नकली आलू भी बिक रहा है, जो सेहत पर नकारात्मक असर डालता है. नकली आलू में खतरनाक रसायन को मिलाया जाता है, जिससे तबीयत खराब हो सकती है. ऐसे में आप कुछ ट्रिक की मदद से आलू की असली-नकली पहचान कर सकते हैं. तो चलिए आपको बताते हैं इस ट्रिक के बारे में. नकली आलू अक्सर पॉलिश या रंग का इस्तेमाल करके तैयार किया जाता है ताकि वह ताजगी लिए हुए दिखाई दे.असली आलू का रंग अंदर और बाहर से एक जैसा होता है. आप आलू को पानी में डुबोकर चेक कर सकते हैं. अगर पानी में आलू तैरने लगे तो समझ लीजिए कि इसमें केमिकल लगा हुआ है और अगर पानी में आलू डूब जाए तो समझ लीजिए कि आलू असली है. असली आलू को काटने पर वह अंदर और बाहर से एक जैसा दिखाई देता है. वहीं, केमिकल वाला आलू को काटने के बाद यह अंदर और बाहर से अलग-अलग दिखता है और दोनों के रंग में जमीन आसमान का अंतर होता है. असली आलू पकाया जाता है, तो उसमें हल्की मिठास और प्राकृतिक स्वाद आता है. जबकि नकली आलू पकने के बाद बेस्वाद और कभी-कभी हल्का कड़वा या अजीब स्वाद दे सकता है. यही कारण है कि नकली आलू से बनी सब्जी जल्दी खराब भी हो जाती है. आलू की खुशबू से आप नकली-असली में फर्क कर सकते हैं. अगर सूंघने पर आलू से बदबू आए या केमिकल की गंध आए तो समझ जाएं कि आलू खराब है और नकली है. जबकि, असली आलू से नेचुरल खुशबू आती है जिससे पता चलता है कि इसमें कोई केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया है. डॉक्टर्स की मानें तो नकली आलू आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. केमिकल युक्त नकली आलू आपकी किडनी और लीवर दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. नकली आलू की सब्जी खाने से पेट में सूजन, कब्ज और भूख न लगने की समस्या हो सकती है.
काट कर करें पहचान
असली आलू को काटने पर वह अंदर और बाहर से एक जैसा दिखाई देता है. वहीं, केमिकल वाला आलू को काटने के बाद यह अंदर और बाहर से अलग-अलग दिखता है और दोनों के रंग में जमीन आसमान का अंतर होता है.
टेस्ट करें
असली आलू पकाया जाता है, तो उसमें हल्की मिठास और प्राकृतिक स्वाद आता है. जबकि नकली आलू पकने के बाद बेस्वाद और कभी-कभी हल्का कड़वा या अजीब स्वाद दे सकता है. यही कारण है कि नकली आलू से बनी सब्जी जल्दी खराब भी हो जाती है.
खुशबू से करें पहचान
आलू की खुशबू से आप नकली-असली में फर्क कर सकते हैं. अगर सूंघने पर आलू से बदबू आए या केमिकल की गंध आए तो समझ जाएं कि आलू खराब है और नकली है. जबकि, असली आलू से नेचुरल खुशबू आती है जिससे पता चलता है कि इसमें कोई केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया है.
नकली आलू से होने वाले नुकसान?
डॉक्टर्स की मानें तो नकली आलू आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. केमिकल युक्त नकली आलू आपकी किडनी और लीवर दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. नकली आलू की सब्जी खाने से पेट में सूजन, कब्ज और भूख न लगने की समस्या हो सकती है.




