समावेशी विकास से सतत शहरों तक—शहरी परिवर्तन के मार्ग पर देश का नेतृत्व कर रहे हैं तोखन साहू”भारत@2047 के शहर होंगे स्मार्ट,टिकाऊ, अत्यधिक रहने योग्य और वैश्विक मानकों पर खरे- तोखन साहू

समावेशी विकास से सतत शहरों तक—शहरी परिवर्तन के मार्ग पर देश का नेतृत्व कर रहे हैं तोखन साहू”
भारत@2047 के शहर होंगे स्मार्ट,टिकाऊ, अत्यधिक रहने योग्य और वैश्विक मानकों पर खरे- तोखन साहू
छत्तीसगढ़ बिलासपुर से भूपेंद्र साहू की रिपोर्ट/ आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री, तोखन साहू ने नई दिल्ली स्थित होटल ले मेरिडियन में आयोजित इकोनॉमिक टाइम्स इंफ्रा लीडरशिप समिट 2025 के समापन तथा पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
“भारत@2047: विश्वस्तरीय अवसंरचना के लिए एकीकृत दृष्टिकोण” विषय पर आधारित इस समिट में केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, सार्वजनिक उपक्रमों, वैश्विक विशेषज्ञों तथा उद्योग जगत के नेताओं ने भारत की दीर्घकालिक आधारभूत संरचना रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
अपने मुख्य संबोधन में श्री साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में विकसित हो रही राष्ट्रीय अवसंरचना दृष्टि को रेखांकित किया।उन्होंने कहा कि, “शहरी विकास केवल निर्माण का कार्य नहीं है, बल्कि यह समावेशी वृद्धि, सुदृढ़ शहरी नियोजन, पर्यावरणीय संतुलन और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार का व्यापक प्रयास है।”
श्री साहू ने केंद्र सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र में उठाए जा रहे महत्त्वपूर्ण कदमों का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में घोषित शहरी चुनौती निधि तथा मंत्रालय की प्रमुख योजनाएँ —स्मार्ट सिटीज मिशन,स्वच्छ भारत मिशन,अमृत मिशन,प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)— शहरी नियोजन, भूमि प्रबंधन, सेवा वितरण, स्वच्छता, आवास, और शहरी गतिशीलता में बड़ा बदलाव ला रही हैं।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मंत्रालय की नई पहलकदमियाँ —डीआरएपी (डेटा-ड्रिवन रेगुलेटरी अप्रोच),यूआईडब्ल्यूआईएन,केएमयू स्मार्ट शासन, कचरा प्रबंधन और ज्ञान-साझाकरण को नई दिशा दे रही हैं।
भविष्य की आवश्यकताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरी भारत को सहयोग की मजबूत त्रिस्तरीय साझेदारी — केंद्र-राज्य सरकारें, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज — की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर सार्वजनिक और निजी निवेश, विशेषकर पीपीपी मॉडल, देश की अगली विकास यात्राओं में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
“विकसित भारत@2047 के मार्ग पर हम हरित अवसंरचना, जलवायु-सहिष्णु शहरों और सतत कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता दे रहे हैं,” उन्होंने कहा।
भारत@2047 के शहरों की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए श्री साहू ने कहा कि आने वाले दशकों में भारत के शहर स्मार्ट, टिकाऊ, रहने योग्य और वैश्विक मानकों पर अग्रणी होंगे — जो आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाएंगे, नागरिक जीवन को ऊँचा उठाएँगे और दुनिया के लिए शहरी विकास का नया मॉडल प्रस्तुत करेंगे।
समापन सत्र में श्री साहू ने अवॉर्ड प्राप्तकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा:“भारत की अवसंरचना के निर्माण में आपका योगदान उल्लेखनीय है। आपकी प्रतिबद्धता और नेतृत्व एक ऐसे भारत के निर्माण में सहायक है, जो 2047 तक विश्वस्तरीय, नवोन्मेषी और समावेशी विकास का प्रतीक बनेगा।”


