संक्रमण नियंत्रण पर दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न। स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित।

संक्रमण नियंत्रण पर दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न। स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू ब्यूरो रिपोर्ट। 7 नवम्बर 2025/स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के सहयोग से संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण तथा अस्पताल जनित संक्रमण पर दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण के प्रसार को रोकना, उपचार प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित बनाना और रोगी सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। प्रशिक्षण का उद्घाटन डॉ. स्वाति वंदना सिसोदिया, संयुक्त संचालक बिलासपुर संभाग द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम डॉ प्रियंका शुक्ला, आयुक्त सह संचालक के मार्गदर्शन व और यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ शुभा गढ़ेवाल व जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्यूली मजूमदार की उपस्थिति एवं संभाग के सभी 8 जिलों से चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग अधिकारी, और जिला आरएमएनसीएच सलाहकार शामिल हुए। प्रतिभागियों को मानक सावधानियाँ, हाथ स्वच्छता, पीपीई का सही उपयोग, सुरक्षित इंजेक्शन प्रथाएँ, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन तथा संक्रमण निगरानी एवं डेटा प्रबंधन पर गहन तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर संक्रमण की पहचान, सतत निगरानी और प्रभावी नियंत्रण उपायों को अपनाकर अस्पताल जनित संक्रमणों की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान केस स्टडी, समूह चर्चाएँ और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों ने वास्तविक परिस्थितियों में समाधान खोजने और लागू करने के कौशल विकसित किए। सत्रों में इस तथ्य पर बल दिया गया कि संक्रमण नियंत्रण केवल संस्थागत दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण का मुख्य संदेश था “स्वच्छ हाथ, सुरक्षित अस्पताल और स्वस्थ छत्तीसगढ़।” अंत में, प्रतिभागियों ने अपने-अपने जिलों में संक्रमण रोकथाम को मजबूत बनाने, ठोस कार्ययोजनाएँ तैयार करने और स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस प्रशिक्षण को सफल बनाने के लिए विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी डॉ. रेखा बारपत्रे, सहायक प्राध्यापक माइक्रोबायोलॉजी विभाग डॉ ताम्मुल हुसैन, जिला आरएमएनसीएच सलाहकार डॉ राजेश पटेल, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ श्वेता त्रिपाठी, राज्य सलाहकार आरएमएनसीएच यूनिसेफ डॉ अक्षय शक्ति तिवारी, संभागीय सलाहकार आरएमएनसीएच डॉ प्रीतम राय का विशेष योगदान रहा।



