छत्तीसगढ़

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू 18वीं अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस एवं प्रदर्शनी 2025, गुड़गाँव के शुभारंभ में सम्मिलित हुए तकनीक, नवाचार और समावेशन से बनेगा गतिशील भारत का नया अध्याय : श्री तोखन साहू

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू 18वीं अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस एवं प्रदर्शनी 2025, गुड़गाँव के शुभारंभ में सम्मिलित हुए तकनीक, नवाचार और समावेशन से बनेगा गतिशील भारत का नया अध्याय : श्री तोखन साहू

छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू ब्यूरो रिपोर्ट/ आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज हरियाणा के गुड़गाँव में आयोजित 18वीं अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) कॉन्फ्रेंस एवं प्रदर्शनी 2025 में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

यह आयोजन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय एवं हरियाणा सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, मेट्रो रेल कंपनियों के प्रबंध निदेशक, परिवहन उपक्रमों के प्रमुख, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, शिक्षाविद् एवं शोध संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

शहरी परिवहन — विकास, पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक समानता का आधार

अपने संबोधन में श्री साहू ने कहा कि शहरी गतिशीलता आर्थिक विकास, पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक समानता की प्रेरक शक्ति है, जो भारत को “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रही है। उन्होंने कहा —

“शहरी विकास और परिवहन का संबंध परस्पर पूरक और गतिशील है। परिवहन अवसंरचना विकास को आकर्षित करती है, वहीं तीव्र शहरी विस्तार सार्वजनिक परिवहन की माँग बढ़ाता है। इसलिए इस वर्ष की थीम ‘शहरी विकास और गतिशीलता नेक्सस’ बिल्कुल उपयुक्त और समयानुकूल है।”

उन्होंने कहा कि गतिशीलता केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक की यात्रा नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और आवश्यक सेवाओं तक पहुँच का अवसर है। श्री साहू ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, मंत्रालय यह सुनिश्चित कर रहा है कि महिलाएँ, बच्चे, बुजुर्ग एवं दिव्यांगजन शहरी डिज़ाइन और मोबिलिटी योजनाओं के केंद्र में हों।

भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क

श्री साहू ने बताया कि भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन चुका है —

“देश में 1,083 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित है, जबकि 936 किलोमीटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 2014 में जहाँ केवल 5 शहरों में मेट्रो थी, वहीं आज यह 29 शहरों तक पहुँच चुकी है, जिससे प्रतिदिन 1.15 करोड़ से अधिक यात्री लाभान्वित हो रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना’ (पीएम ई-बस सेवा योजना) के अंतर्गत 100 से अधिक शहरों में 10,000 विद्युत बसों की तैनाती की जाएगी, जिससे 11 करोड़ से अधिक नागरिकों को सस्ती, स्वच्छ और हरित सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।

समावेशन, स्थिरता और नवाचार पर बल

श्री साहू ने कहा कि मंत्रालय ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति (2017) को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है ताकि परिवहन केन्द्रों के आसपास उच्च घनत्व वाले, मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्र विकसित हों। उन्होंने कहा —

“हम व्यक्ति-केंद्रित योजना, डिजिटल टिकटिंग, मल्टी-मॉडल एकीकरण और मज़बूत लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

श्री साहू ने कहा कि फेम-II, पीएम ई-बस सेवा और इलेक्ट्रिक फ्रेट मोबिलिटी जैसी पहलें भारत को 2070 तक के नेट ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में अग्रसर कर रही हैं।

भविष्य की गतिशीलता – सुविधा नहीं, अधिकार का प्रतीक

श्री साहू ने कहा —

“भविष्य की गतिशीलता केवल स्वचालित वाहनों या उड़ने वाली टैक्सियों की बात नहीं, बल्कि यह इस बात की है कि बस यात्रा थोड़ी कम समय की हो, फुटपाथ अधिक सुगम और सुरक्षित हों, और हमारा आवागमन अधिक टिकाऊ बने।”

उन्होंने सरकार, उद्योग, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स और नागरिकों से आह्वान किया कि वे मिलकर ऐसे शहरों का निर्माण करें जहाँ गतिशीलता अधिकार हो, सुविधा नहीं, जहाँ विकास पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हो और जहाँ नवाचार व समावेशन साथ-साथ आगे बढ़ें।

Related Articles

Back to top button