Karneshwar Mahadev Temple Dhamtari : छत्तीसगढ़ के इस मेला में आते है देवी-देवता, ये चीज भेंट कर देते है मड़ई का निमंत्रण, जानिए परंपरा के पीछे की कहानी
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धमतरी : Karneshwar Mahadev Temple Dhamtari : जिले के सिहावा स्थित कर्णेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय मांघी पूर्णिमा मेला में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूसरे दिन बस्तर और उड़ीसा के विभिन्न क्षेत्रों से देवी-देवता अलग-अलग स्वरूपों में मंदिर पहुंचे। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ आई। मंदिर ट्रस्ट ने दूर-दराज से आए देवी-देवताओं का सम्मानपूर्वक स्वागत कर उन्हें नारियल भेंट किया। परंपरा के अनुसार, देवी-देवताओं ने मेला प्रांगण के ढाई चक्कर लगाए, जिसके बाद मेला सम्पन्न हुआ। श्रद्धालु देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेकर सुख-समृद्धि की कामना करते नजर आए।
इतिहास और कर्णेश्वर महादेव की महिमा
Karneshwar Mahadev Temple Dhamtari : कर्णेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण ग्यारहवीं शताब्दी में सोमवंशी राजा कर्णदेव द्वारा करवाया गया था। तभी से इस मंदिर की महिमा पूरे प्रदेश सहित पड़ोसी राज्य उड़ीसा तक फैली हुई है। हर वर्ष माघी पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु महानदी के उद्गम से लेकर कर्णेश्वर संगम स्थल तक स्नान व दान कर बाबा के दर्शन करने आते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
फूल मेला: एक अनूठी परंपरा
Karneshwar Mahadev Temple Dhamtari : माघी पूर्णिमा मेले के दूसरे दिन फूल मेले का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वर्षों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा को मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने निभाया और भव्य आयोजन के साथ मेला सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मेला परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि भक्तजन बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें और आयोजन सुचारू रूप से सम्पन्न हो सके।