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बच्चा चोरी कर निसंतान को बेच देते है,,पुलिस कार्यवाही कम होती है_संतोष

मासूम बच्चों का अपहरण करके बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने रविवार को भंडाफोड़ किया। गिरोह के सदस्य गरीब परिवारों को निशाना बनाते थे।
वह कहते थे कि इस तरह के परिवारों की शिकायत की थानों पर सुनवाई नहीं होती है। मामला तूल नहीं पकड़ता है। इस तरह के 50 से ज्यादा बच्चों का अपहरण करके बेचा जा चुका है।

पुलिस ने बताया कि बच्चा चोर गिरोह के संतोष ने कई राज उगले हैं। संतोष ने पुलिस को बताया कि उसके गिरोह के सदस्य सड़क किनारे, झुग्गी-झोपड़ियों और मलिन बस्तियों के परिवारों की रेकी करते हैं। रेकी के दौरान खूबसूरत बच्चे को चिह्नित करते हैं। इसके बाद मौका देख कर रात में परिवार के सदस्यों के सोने पर बच्चे का अपहरण करते हैं।

संतोष ने पुलिस को बताया कि बच्चे के इच्छुक नि:संतान दंपती को बिहार, झारखंड और राजस्थान निवासी दलाल लोग खोजते थे। सर्वाधिक मांग अधिकतम दो साल तक के बच्चों की रहती है। बच्चे के रंग और उसकी खूबसूरती के आधार पर उसकी कीमत दलालों के माध्यम से तय की जाती थी। सौदा तय हो जाने पर पैसा लेकर बच्चा इच्छुक दंपती को सौंप दिया जाता था।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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