Uncategorized

धर्मनगरी के विकास में भ्रष्टाचार के बादल, 2 करोड़ के सड़क निर्माण में टेंडर सेटिंग

धर्मनगरी के विकास में भ्रष्टाचार के बादल, 2 करोड़ के सड़क निर्माण में टेंडर सेटिंग

देवेन्द्र गोरले सबका संदेस न्यूज़ छत्तीसगढ़-डोंगरगढ- लगभग 15 से 20 वर्षो बाद धर्मनगरी डोंगरगढ के नगरवासियों की सुविधा के लिए नगर के दो मुख्य मार्गो के डामरीकरण के लिए वर्तमान कांग्रेस सरकार के आने के बाद डोंगरगढ विधानसभा क्षेत्र के विधायक भुनेश्वर बघेल की प्रयासों से नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया द्वारा 1 करोड़ 82 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। उक्त घोषणा उन्होंने डोंगरगढ नगर पालिका के नये भवन के लोकार्पण समारोह में की थी जिसके बाद जल्द ही राशि भी नगर पालिका को प्राप्त हो गई और 14 जनवरी 2020 को ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की गई साथ ही समाचार पत्र में निविदा भी प्रकाशित करवाई गई और ऑनलाइन डॉउनलोड करने की अंतिम तिथि 3 फरवरी 2020 निर्धारित की गई किन्तु इन सभी मे दो बातें जो गौर करने वाली रही वह यह कि प्रकाशित निविदा में कहीं भी यह उल्लेख नहीं करवाया गया कि टेंडर खुलेंगे कब दूसरी यह कि लगभग 15 दिनों के अंतराल में नगर पालिका द्वारा केवल 3 ठेकेदारों के द्वारा ही निविदा फार्म जमा करने की बात कही जा रही है जो हजम नहीं हो रही है कि 15 दिनों के अंतराल में क्या तीन ही ठेकेदार फार्म जमा करेंगे क्या बाकी ठेकेदारों को काम करने की इच्छा नहीं है या फिर भाजपाई समर्थित ठेकेदारों के फार्म लिये ही नहीं गये क्योंकि जिन तीन ठेकेदारों के द्वारा टेंडर फार्म भरे गये है वह कहीं ना कहीं कांग्रेस समर्थित है। यदि डोंगरगढ के विकास के लिए यह कार्य किया जा रहा है और इसमें पारदर्शिता बरती जा रही है तो टेंडर प्रक्रिया गुपचुप तरीके से क्यों की जा रही है नगर के ठेकेदारों को इसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है, यदि नगर पालिका नगर में मुनादी करवाती तो निश्चित तौर पर तीन से अधिक टेंडर फार्म उठाये जाते और नगर के कई बड़े ठेकेदार इस विकास के कार्य को करने के लिए आगे आते लेकिन यह गुपचुप प्रणाली संदेह पैदा कर रही हैं।

*मीडिया के हस्तक्षेप के बाद टेंडर निरस्त करने की कोशिश- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 करोड़ 82 लाख 81 हजार की लागत से होने वाले इस सड़क निर्माण के लिए नेशनल लेबल व स्टेट लेबल के समाचार पत्र में प्रकाशित किये गए निविदा में ना तो छंटनी की तिथि प्रकाशित की गई हैं और ना ही टेंडर खुलने की तिथि प्रकाशित की गई हैं जबकि ऑनलाइन टेंडर में छंटनी और टेंडर खुलने की तिथि पहले से ही निर्धारित होती है ऐसे में जिन ठेकेदारों ने भी फार्म जमा किये हैं उन्हें कैसे पता चलेगा कि उनका फार्म सही है और किस दिन उन्हें टेंडर मिलेगा इसका अर्थ यह है कि तीनों ठेकेदारों के बीच आपस में संवाद अच्छा है और तीनों को फोन के माध्यम से सारी सूचना दी जायेगी। मीडिया के द्वारा जब फार्म की छंटनी और टेंडर खुलने की प्रकिया मीडिया की उपस्थिति में करने की बात उठाने पर एवं कुछ समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित करने के बाद टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने का प्रयास नगर पालिका द्वारा किए जाने की भी खबर सामने आ रही है। क्योंकि ऑनलाइन व ऑफलाइन फार्म जमा करने की अंतिम बीतने के बाद भी अब तक टेंडर नहीं खुलना संदेह को जन्म दे रहा है। आपको बता दें कि 1 करोड़ 82 लाख 81 हजार की लागत से कुल 2200 मीटर डामरीकृत सड़क का निर्माण किया जाना है जिसमें गोलबाजार स्थित मस्जिद से बिरला ऑफिस रेलवे स्टेशन तक दूरी लगभग 1100 मीटर एवं जैन मंदिर से रेलवे चौक तक दूरी लगभग 1100 मीटर शामिल हैं जो बहुप्रतीक्षित मांग थी। सबसे खास बात यह है कि इतने बड़े निर्माण कार्य दो दो सिविल इंजीनियर विजय मेहरा व श्री ध्रुव के होने के बावजूद इलेक्ट्रिक इंजीनियर और तीन-तीन नियमित बाबुओं के होते हुए भी डेलीविजेस कर्मचारी की देखरेख में जिले के भाई के सरक्षण में हो रहा है। अब देखना यह है कि क्या नगर के विकास को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाता है या फिर स्वंम के विकास की गंगा बहाई जाती हैं।

 

 

 

 

विज्ञापन समाचार के लिए सपर्क करे-9425569117/7580804100

Related Articles

Back to top button