छत्तीसगढ़

आमाडीह के ग्रामीणों ने स्कूल की छत की मरमत का बीड़ा उठाया, सहभागिता की पेश की मिसाल

कोंडागांव/विश्रामपुरी । हर काम यदि सरकार और सरकारी महकमे पर छोड़ दिया जाए तो विकास की बात सोचना ही बेमानी होगी, शासन की किसी भी योजना में समाज की सहभागिता जब तक नही होगी तब तक सही मायने में योजनाओं का क्रियान्वयन संभव नही है। शिक्षा विभाग द्वारा भी शिक्षा में समुदाय की सहभागिता का ढोल लगातार पीटने के बावजूद समुदाय की सहभागिता बहुत ही कम देखने को मिलती है। आजकल लोग जागरूक तो जरूर हुए परंतु बहुत ही कम लोग अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देते हैं या स्कूल में अपनी सहभागिता दिखाते हैं ।

समुदाय की सहभागिता का ऐसा ही एक वाकया  देखने को मिला विकासखण्ड बडेराजपुर के संकुल केंद्र विश्रामपुरी के प्राथमिक शाला आमाड़ीह में जहां ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्कूल की खपरैल छत की मरम्मत का बीड़ा उठाया और एक मिशाल पेश की है । ग्राम आमाडीह के स्कूल में अध्यनरत 63 छात्र-छात्राओं के पालकों ने शुक्रवार को शत प्रतिशत उपस्थित होकर शाला भवन के खपरैल को हटा कर छत पर सीमेंट की शीट लगाने में बढ़ चढ़ कर भागीदारी निभाई, जिसमे महिला पालकों ने भी सक्रियता से भागीदारी दिया। ग्राम के वरिष्ठ नागरिक एवं ग्राम के पटेल सरु राम मरकाम लगभग 80 वर्ष के उम्र में भी उन्होंने दिनभर विद्यालय में समय दिया जो आज के युवा पीढ़ी को प्रेरित करता है।

शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पंच बेदी लाल मरकाम का कहना है कि इस विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों के द्वारा काफी सराहनीय पहल किया जाता रहा है जिससे पालकों की भागीदारी विद्यालय में पिछले कुछ वर्षों से बढ़ी है। इसी विद्यालय के शिक्षकों को पिछले वर्ष जिले स्तर पर सम्मानित भी किया गया, इस छोटे से गांव का नाम जिले स्तर पर रोशन हुआ जो ग्रामीणों के लिए गर्व की बात है शिक्षा के स्तर में भी पूर्व के तुलना में काफी सुधार आया है।

समय समय पर पालकों के लिए मातृ पितृ सम्मेलन एवं बैठक आदि विविध आयोजनों के माध्यम से पालकों को जोड़ने के लिए भी इस विद्यालय से अनुकरणीय पहल की जाती रही है। स्व सहायता समूह की अध्यक्ष जयमो बाई मरकाम का कहना है कि विद्यालय के द्वारा हमे काफी प्रोत्साहित किया जाता है ,गत वर्ष समूह के सभी सदस्यों के लिए  गणवेश की एकरूपता की पहल संकुल समन्वयक आकाशदीप खवास के द्वारा की गई थी जिसको हम लोगों ने स्वीकार किया, ऐसा करके हमे काफी गर्व महसूस होता है कि हम बच्चों के साथ अनुशासित रहकर गांव के स्कूल के विकास में भागीदार बन रहे हैं।

इस अवसर पर शिक्षक अनिल कुमार नेताम, पुष्पा मरकाम, कीर्तन कुमार नाग एवं ग्राम से आये पालकों में पुष्पा, राम मरकाम, बलदेव मरकाम, बिरजू राम, कमलेश नेताम, राजू राम नेताम, सुरेंद्र मरकाम, लालता राम, साहतरिंन, सुमित्रा नेताम, ललिता मरकाम,आदि उपस्थित होकर श्रमदान दिया।

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