छत्तीसगढ़

नाशिक कमाने खाने निकले थे पैसे साधन नही मिला तो पैदल यात्रा किएनाशिक कमाने खाने निकले थे पैसे साधन नही मिला तो पैदल यात्रा किए Nashik went to eat to earnIf money was not available then I traveled on foot

नाशिक कमाने खाने निकले थे
पैसे साधन नही मिला तो पैदल यात्रा किए
अजय शर्मा
मिर्जापुर निवासी कंप्यूटर हरिजन पिता छोटेलाल हरिजन उम्र 25 वर्ष निवासी मिर्जापुर यूपी का रहने वाला है जोकि नासिक कमाने खाने गया हुआ था लॉकडाउन में काम बंद होने के कारण नासिक में रोजी रोटी नहीं हुआ न ही उसके पास पैसा रहा उन्होंने नासिक से सीधा पैदल यात्रा करके आज 22 दिन में यहां जांजगीर पहुंचा जहां पुट पूरा के पास हमारे कोरोना योद्धा यातायात आरक्षकजितेश सिंह राजपूत का वही चौक पर ड्यूटी पर तैनात ड्यूटी कर रहा था तब कंप्यूटर हरिजन पैदल आ रहा था तो उन से पूछा कहां आ रहे हो कहां जा रहे हो तब उन्होंने बताया मैं कमाने खाने के लिए नासिक महाराष्ट्र गया था वहां लॉकडाउन में काम नहीं चलने के कारण मैं वापस अपने गांव मिर्जापुर उत्तर प्रदेश जाने के लिए पैदल ही निकला था आज मैं जांजगीर करीब 22 दिन में पहुंचा हूं उनके द्वारा बताया गया मैं पिछले 3 दिन से कुछ खाया पिया नहीं हूं रास्ते में नलका पानी पीते पीते आ रहा हूं मेरे पास एक भी पैसा नहीं है ना ही खाने के लिए कोई सामान कुछ खाने का पकड़ा था ओ भी खत्म हो गया तब जितेश सिंह को उसके आपबीती सुनने के बाद अपने लिए जितेश सिंह राजपूत खाने के सामान कुछ नाश्ता पानी रखा था उसको उन्होंने प्रदान किया और भोजन की व्यवस्था साथ में 500रुपए उनको सहायता राशि दी।बता दें की ड्यूटी पर तैनात आरक्षक जांजगीर यातायात थाने में पदस्थ है।

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2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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