छत्तीसगढ़

श्रद्धा आत्मनिर्भर होकर, दूसरों को भी दे रही है स्वरोजगार

सफलता की कहानी

श्रद्धा आत्मनिर्भर होकर, दूसरों को भी दे रही है स्वरोजगार

कांकेर – शहर के मांझापारा निवासी श्रीमती श्रद्धा मिश्रा स्नातक की पढ़ाई की है तथा अपने पति के दुकान में सहायता कर पति के साथ दुकान संभाल रही थी, पति के दुकान से आर्थिक स्थिति से संतुष्ट नहीं होने से स्वयं कुछ करने की चाह रखने वाली श्रद्धा परिवार के जिम्मेदारी उठाने के लिए शहर से सटे ग्राम-मनकेशरी में कम्प्यूटर एवं फोटोकाॅपी सेंटर संचालित करने का निश्चय किया। श्रद्धा ने अपने परिवार के लिए स्वयं कुछ करने के सपने देख रखे थे और पढ़ाई के बाद रोजगार से जुड़ने का उसका यह फैसला अटल था।
स्वावलम्बी बनने की इच्छा रखने वाली श्रद्धा ने अपने स्वयं की दुकान संचालित करने के लिए बैंक से ऋण के लिए संपर्क करने लगी। जब श्रद्धा पंजाब नेशनल बैंक शाखा-कांकेर में ऋण हेतु जानकारी प्राप्त करने गयी तब वहां उसे शाखा प्रबंधक द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी प्रदान की गई। श्रद्धा ने देर न करते हुए कार्यालय में आकर योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का चयन कर नियमानुसार पंजाब नेशनल बैंक शाखा-कांकेर से ऋण लेने के लिए आवेदन प्रस्तुत कर बैंक के माध्यम से 5 लाख रूपये का ऋण प्राप्त कर स्वयं का कम्प्यूटर एवं फोटोकाॅपी सेंटर स्थापित कर संचालित करने गली।
श्रद्धा ने कम्प्यूटर एवं फोटोकाॅपी मशीन लगाकर आस-पास के लोगों को सेवा प्रदान कर लगभग 20 हजार रूपये प्रतिमाह कमाती है एवं अपने दुकान में 5 बेरोजगारों को रोजगार प्रदान कर उनके जीवन यापन में भी मददगार साबित हो रही है। श्रद्धा ने रोजगार मिलने के बाद आय के कुछ हिस्से से परिवार की भी आर्थिक मदद करती है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुई है। श्रद्धा की स्वावलम्बी बनने की इच्छा ने उसे नया रास्ता दिखाया और आर्थिक रूप से सशक्त होकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास भी जगाया।

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button