Category: अजब गजब

सावधान –? आपके मोबाइल पर आया मैसेज तो मोबाइल में होगा-?

आजकल एक अक्षर की वजह से पूरा स्मार्टफोन और उसके ऐप्स क्रैश हुए जा रहे हैं. आइए मामले की गहराई में उतरते हैं. दरअसल, ऐपल के लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम iOS 11 में एक बग आ गया है. इसकी वजह से लोगों के फोन क्रैश हो रहे हैं. व्हाट्सऐप, जीमेल और फेसबुक जैसे एेप्स क्रैश हो जा रहे हैं और लोगों के फोन का डेटा उड़ जा रहा है. इस समस्या की जड़ है तेलुगू भाषा का एक अक्षर ‘ज्ञ’. तकनीकी मामलों को कवर करनेवाली अंग्रेजी वेबसाइट ‘द वर्ज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, iOS 11 वर्जन पर चलने वाले ऐपल डिवाइस पर जब भी कोई यूजर यह अक्षर टाइप करता है या फिर किसी दूसरे यूजर से किसी एेप पर यह खास अक्षर वाला मैसेज रिसीव करता है, तो उसे ओपन करते ही डिवाइस क्रैश हो जा रही है. इस अक्षर की वजह से iOS 11 पर कई एेप्स चलना बंद कर दे रहे हैं और फोन का डेटा उड़ जा रहा है. जब भी iOS 11 वाले किसी आइफोन में ‘ज्ञ’ अक्षर वाला कोई टेक्स्ट मेसेज आ रहा है, तो उसे लोड करने की कोशिश में एेप के साथ-साथ पूरा डिवाइस क्रैश हो जा रहा है. यानी iOS 11 वाले आइफोन में ‘ज्ञ’ अक्षर से आइ-मैसेज, व्हाट्सऐप, फेसबुक, मैसेंजर, सफारी और जीमेल के साथ-साथ हर वह एेप डिस्टर्ब हो रहा है, जिसमें टेक्स्ट इनपुट किया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बग की वजह से अब ऐपल iOS 11 का अपडेटेड वर्जन जारी करनेवाला है. बताया जाता है कि ऐपल इस अगले वर्जन में आइ-मैसेज को डिसेबल भी कर सकता है. इस बारे में ऐपल का कहना है कि इस एक अक्षर के कारण सिर्फ लेटेस्ट वर्जन में ही यूजर्स को दिक्कत हो रही है और इसका इलाज अपडेट में मौजूद होगा. फिलहाल आप इतना कर सकते हैं कि अगर आपके फोन पर तेलुगू भाषा के ‘ज्ञ’ अक्षर का कोई मैसेज आता है, तो उसे अलग-अलग ऐप्स पर खोलने की कोशिश करने के बजाय डिलीट कर दीजिए. वैसे अपडेट तो आ ही रहा है.

बैंकों में चल रहा है सेटिंग का खेल

करोड़ों की संपत्ति का लाखों में किया जा रहा है मूल्यांकन
भिलाई । एनपीए के बोझ तले चरमरा रहे बैंकों द्वारा वसूली प्रक्रिया को सख्त करने के चक्कर में कई गड़बडिय़ाँ की जा रही हैं। इसमें इतनी हड़बड़ी की जा रही है कि बड़ी-बड़ी गड़बडिय़ाँ हो रही हैं। ऐसे ही कुछ मामलों में पीडि़तों बैंक की कारगुजारियाँ उजागर की हैं। मामला भिलाई के व बालोद के एक राष्ट्रीयकृत बैंक से जुड़ा हुआ है। एक मामले में तो तीन महीने से भी कम समय में बैंक द्वारा जारी दो ई-नीलामी विज्ञापनों में एक ही सम्पत्ति की दो अलग-अलग आरक्षित मूल्यों का उल्लेख किया है । इनमें से एक संपत्ति बालोद तो दूसरी दुर्ग जिले में स्थित है।

पत्रकारवार्ता में धमतरी के राईस मिलर दिनेशचंद तिवारी, भिलाई के प्रमुख व्यवसायी चेतन टायर्स के संचालक दिलेश भाई कोटक व छोटू चावला ने संयुक्त रूप से इस आशय का आरोप लगाया । उन्होंने बताया कि, बैंक द्वारा 7 नवम्बर 2017 एवं 28 जनवरी 2018 को प्रकाशित ई-नीलामी में मेसर्स देवदत्ता पारबाइलिंग एवं मेसर्स हर्ष मिनी राइस मिल का आरक्षित मूल्य पहले 47.5 लाख रखा । इसके बाद मामले में पीडि़त द्वारा सवाल उठाए जाने पर बैंक ने दोबारा ई निलामी प्रक्रिया शुरू की जिसमें उसी प्रापर्टी का वेल्यू 119.10 लाख रुपए दर्शाया गया है। तीन महीने में ही संपत्तियों के मूल्य में दोगुने से अधिक का अंतर आ गया है। इसी तरह मेसर्स खुशी इंटरप्राइजेस का आरक्षित मूल्य 28 जनवरी 2018 को 38.47 लाख रुपए रखा गया । इस प्रापर्टी का तीन माह पहले 7 नवम्बर 2017 को इन आस्तियों का मूल्य बैंक ने 42.75 लाख रुपए निर्धारित किया था । यह मामला बैंक ऑफ बड़ौदा गुरुर शाखा से जुडा हुआ है । वहीं एक मामले में सुपेला के एक व्यापारी से बैंक ऑफ बड़ौदा सुपेला शाखा द्वारा ऐसी गड़बड़ी की गई कि, पांच साल पहले जिस प्रापटीज़् की वेल्यू एक करोड़ से ऊपर थी उसे नीलामी के समय 16 लाख रुपए में समेट दिया गया। पीडि़त ने मामाला डीआरटी जबलपुर में लगाया लेकिन उससे पहले ही बैंक ने प्रापर्टी की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी ।

मामले में पीडि़त डिलीश चंद्र कोटक ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि, 2013 में उन्होंने 4 करोड़ रुपए का एक प्रोजेक्ट बनाया । जिसमें ग्राम बासीन में रबड़ इंडस्ट्रीज खोला जाना प्रस्तावित था । लोन के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा की सुपेला शाखा में आवेदन लगाया। बैंक ने इसके लिए प्रापर्टी मॉडगेज करने कहा। इस दौरान बैंक ने सुपेला आकाश गंगा स्थित चेतन टायर्स का वेल्यूवेशन 1,21,12,500 रुपए किया। वहीं बैंक ने फैक्ट्री लैंड व एक अन्य प्रापर्टी के एवज में 2.70 करोड़ रुपए का लोन सेंक्शन किया था । लोन के एवज में बीमा कराने के नाम पर लिखित में आवेदन भी बैंक ने डिलीस चंद्र से लिया था । फैक्ट्री का काम शुरू होने व लगभग 90 फीसदी काम पूरा होने के बाद 29 मई को तेज आंधी तूफान के कारण निर्माण ढह गया । इसके बाद बैंक से बीमा क्लेम कर क्षतिपूर्ति दिलाने कहा गया तो बैंक ने बीमा न कराने की बात कह दी । अपनी गलती छिपाने के लिए बैंक द्वारा अतिरिक्त लोन सेंक्शन करने का भरोसा दिलाया। इस बार किसी तरह फैक्ट्री का काम पूरा कर प्रोडक्शन शुरू कर दिया। लेकिन बैंक ने वादे के मुताबिक अतिरिक्त लोन की राशि नहीं दी जिसके कारण लगातार हमारी पूंजी टूट रही थी। आखिरकार एक दिन बैंक ने हमारा खाता एनपीए में डाल दिया और वसूली का नोटिस भेज दिया। अब यहाँ पर बैंक की गड़बड़ी यह थी कि आकाश गंगा की जिस दुकान वेल्यूवेशन इन्होंने लोन जारी करते समय 1,21,12,500 रुपए किया था ऑक्सन के समय वह घटाकर 16 लाख रुपए कर दिया गया। डिलीश चंद्र का कहना है कि पांँच वर्षों में आकाशगंगा जैसे व्यापारिक स्थल पर प्रापर्टी की वेल्यू बढऩी चहिए न कि घटेगी। एक अन्य मामले में पीडि़त पक्ष राइस मिल संचालक धमतरी निवासी दिनेश चंद तिवारी ने बताया कि, वे सिस्टम का शिकार हो गए हैं। उन्होंने खादी ग्रामोद्योग विभाग की मदद से 2001 में राइस मिल का कारोबार शुरू किया था। कामकाज को देखते हुए बैंक ऑफ इंडिया रायपुर ने 2010.11 में एक करोड़ का ऋण दिया। 2012.13 में इस ऋण को बैंक ऑफ बड़ौदा बालोद शाखा ने टेक ओवर कर लिया। यहां से 1.8 करोड़ का ऋ ण स्वीकृत हुआ। वे समय पर किश्ते पटाते रहे। जुलाई 2015 में उनके राइस मिल को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी। जब इसकी शिकायत कलेक्टर के पास किया गया तो आठ माह बाद में उसे ब्लैक लिस्ट से निकाल भी दिया गया।
इस बीच वे किस्तें नहीं पटा पाए। बैंक ने पहले एनपीए घोषित किया और फिर संपत्ति की नीलामी का नोटिस भेज दिया। इस बीच उन्होंने डीआरटी में दस्तक दी जहाँ मामले की सुनवाई लंबित है। इससे पहले ही बैंक ने ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी।

अधिवक्ता एस.के.अग्रवाल ने बताया कि, राष्ट्रीयकृत बैंकों की माली हालत खराब है। रिजर्व बैंक ने वसूली प्रक्रिया में सख्ती के निर्देश दिए हैं। हितग्राहियों की मुसीबत यह है कि, वे मामले को सीधे हाईकोर्ट लेकर नहीं जा सकते। नियमानुसार मामलों को डीआरटी में सुलझाना है। डीआरटी आज भी जबलपुर में है। वहांँ पेंडिंग केसेस इतने हैं कि, वसूली की तारीख आने में ही दम निकल जाता है। डीआरटी का फैसला आने के बाद ही उसे हाई कोर्ट में चैलेंज किया जा सकता है। बैंक इसी बात का फायदा उठा रहे हैं।

शहर के एक बैंकर्स ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि, बैंक की ई.नीलामियाँ अकसर असफल हो जाती हैं। इसमें आस्तियों का मूल्य इतना रख दिया जाता है कि, कोई उसमें रुचि ही नहीं लेता। नीलामी को सफल करने के लिए कुछ बैंक रेट अंडरकोट करते हैं। आरक्षित मूल्य में अंतर का यह भी कारण हो सकता है।

मामले में बैंक ऑफ बड़ोदा सुपेला शाखा के प्रबंधक उदय सिंह का कहना है कि, वे इस मामले में सफाई देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। वहीं उन्होंने कहा कि प्रापर्टी का वेल्यूवेशन बैंक नहीं करते बल्कि अधिकृत एजेंसियाँ करती है। जिस प्रापर्टी की बात कर रहे हैं उसका वेल्यूवेशन भी अधिकृत एजेंसियों ने किया है। इसमें यदि कोई भी शिकायत है तो पक्षकार स्वतंत्र है और इसके लिए डीआरटी बना हुआ है जहां वह शिकायत कर सकता है।

करोड़ो रुपयों के उपहारों से बढ़कर था ये जन्मदिन का तोफा-श्रद्धा पाली

छत्तीसगढ़ कबीरधाम- कवर्धा के दोस्तो के एक ग्रुप ने अपने साथी श्रद्धा पाली का जन्मदिन सरप्राइज तौर से ऐसे मनाया जो मिशाल है जिससे लोगो मे एक बेहतरीन सन्देश मिला-सबका संदेश न्यूज़

श्रद्धा पाली के मित्रों ने आज सरप्राइज देते हुए शहर के वृद्धाश्रम में, साथ ही सबके साथ केक काटकर जन्मदिन मनाकार समय बिताये व फलो का वितरण किया गया, वृद्धाश्रम के सभी लोगो को खुशी देखी गई, और सभी श्रद्धा के मित्रो ने वहां पर उपस्थित लोगो बड़े बुजर्गों से आशीर्वाद लिया।

जहां श्रद्धा के दोस्त, आकाश नामदेव, अंकिता मानिकपुरी,प्रशंसा श्रीवास्तव, छाया मिश्रा, दीपक साहू, अरसद अली और संजू पाल सभी ने कहा – “हम सब आपके बेटे बेटियां है आपके परिवार”, यह सुनते ही आंखे सबकी नम सी हो गई ।वृद्धाश्रम के लोगो ने इनलोगो को बहूत प्यार व आश्रीवाद दिया

वेलेंटाइन डे कुछ इस तरह मनाया युवकों ने-आकाश नामदेव

वेलेन्टाइन डे छोड़ कवर्धा के एक युवाओ के समूह ने मनाया “मातृ पितृ दिवस


सबका संदेश छत्तीसगढ़ कवर्धा

जहा एक ओर लोगो मे 14 फरवरी को लेकर एक वाद विवाद का माहौल बना राहता है-एक ओर नासमझी में कुछ युवा कुछ ऐसी भी कर जाते है जो नही होना चाहिए इसी तरह के माहौल को रोकने में कुछ संघठन इनमें चर्चित है बजरंग दल, हिन्दू सेना जो इनको रोकने कमर कसी रहती है ,इनका उद्देश्य लोगो मे जगृति लाँना रहता है वही दूसरी ओर हमारे कवर्धा के कुछ युवक युवतियों फ्रेण्डशिप ग्रुप ने अपनी समझदारी विवेक का परिचय देते हुए इसको इस तरह मनाकर समाज मे नई सोच का प्रचार प्रसार किया है वाकई इनकी सोच को सलाम है -सबका संदेश

14 फरवरी को जहाँ कई लोग वेलेंटाइन मानने में बिजी थे वही कवर्धा के एक युवाओ के फ़्रेण्डशिप ग्रुप ने मातृ पितृ दिवस मनाया, कवर्धा में वही एक भवन लेकर अपने माता पिता को बुलाकर उनका पूजा अर्चना किया,

जिसमे संजय पाली , आकाश नामदेव, श्रद्धा पाली, अंकित मानिकपुरी, प्रशंशा श्रीवास्तव, दीपक साहू, छाया मिश्रा और अरसद अली

इन सभी ने मिलकर अपने माता पिता की पूजा अर्चना की ।

हत्या का ऐसा मामला शायद ही सुना होगा

ये मामला है कबीरधाम जिले के कवर्धा का सिटी कोतवाली में एक ऐसा मामला सामने आया है।शिकायत सुनकर थाना में तैनात पुलिसकर्मी के हैरान हो गए दरअसल पूरा मामला सरेखा गांव की घटना है। राम दयालु अपने घर मे मुर्गी पालते है। जिसको पड़ोसी ने बढ़ते मुर्गी की कीमत को नही देख सके और राम दयालु के 3 मुर्गी को जहरीली पदार्थ खिलाकर हत्या कर दी है।जिसके बाद मुर्गी मालिक ग्राम सरेखा के निवासी तीनो मुर्गी को लेकर कवर्धा सिटी कोतवाली पहुंच गए और मुर्गी हत्यारे के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। दोनों भाईयों के बीच किसी बात को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। आज इस मामले को लेकर दोनों के बीच फिर से जमकर विवाद हुआ. जिसके बाद पडोसी भी मौके पर एकत्रित हो गए दोनों के बीच चल रहे विवाद के बीच रामबिलास मुर्गियों के शव को लेकर सीधे सिटी कोतवाली थाने पहुंच गया और लिखित शिकायत करते हुए चचेरे भाई केखिलाफ सख्त कार्यवाई की मांग की है.

क्रमशः—-/

 दिल्ली की एक अदालत ने आज कहा कि महिला की सहमति के बिना कोई उसे छू नहीं सकता।

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने आज कहा कि महिला की सहमति के बिना कोई उसे छू नहीं सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीमा मैनी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है

कि ‘‘ऐय्याश और यौन-विकृति’’ वाले पुरुषों द्वारा उनको परेशान करने का सिलसिला अब भी जारी है।

अदालत ने 9 साल की एक बच्ची का यौन उत्पीडऩ करने के मामले में छवि राम नामक व्यक्ति को दोषी ठहराया और उसे पांच साल कैद की सजा सुनाते हुये यह टिप्पणी की।

महिला को बिना इजाजत के छूना गलत 
उत्तर प्रदेश निवासी छवि राम ने उत्तरी दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके के एक भीड़ भरे बाजार में नाबालिग को अनुचित तरीके से छुआ था। यह घटना 25 सितंबर, 2014 की है। अदालत ने कहा कि महिला का शरीर उसका अपना होता है और उस पर सिर्फ उसी का अधिकार होता है। दूसरों को बिना उसकी इजाजत के इसे छूने की मनाही है भले ही यह किसी भी उद्देश्य के लिये क्यों न हो।

सबका संदेश 9425569117

न्यायाधीश ने कहा कि ऐसा लगता है कि महिला की निजता के अधिकार को पुरुष नहीं मानते और वे अपनी हवस को शांत करने के लिये बेबस लड़कियों का यौन उत्पीडऩ करने से पहले सोचते भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राम एक ‘‘यौन विकृत’’ शख्स है जो किसी भी तरह की रियायत का हकदार नहीं है। अदालत ने उस पर 10 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया जिसमें से पांच हजार रूपये पीड़िता को दिये जायेंगे। इसके अलावा अदालत ने दिल्ली प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण को भी बच्ची को 50,000 रूपये देने को कहा है

सिविल अस्पताल में डॉक्टर ने मरीज को जड़े थप्पड़ पर थप्पड़, जानिए क्यों?

सिविल अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. निर्दोष गोयल द्वारा मॉडल ड्रग डी एडिक्शन सेंटर में एक मरीज को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। मरीज द्वारा बार-बार तंग किए जाने पर डाक्टर का गुस्सा इस कदर हावी हो गया कि उन्होंने मरीज को थप्पड़ जड़ दिए। हालांकि बाद में डॉ. निर्दोष गोयल ने खुद माना कि उनको गुस्सा आ गया था व गुस्से को कंट्रोल नहीं कर पाए।

sabkasandesh.com

मामले के अनुसार डॉ. निर्दोष गोयल ओपीडी में मरीज देख रहे थे कि एक मरीज बार-बार उनकी अटेंडेंट से जल्दी नंबर लगा देने को कह रहा था। भीड़ होने के कारण अटेंडेंट प्रीति मरीज को अपनी बारी का इंतजार करने को कह रही थी। इस पर जब मरीज ने अटेंडेंट से कहा कि उनका नंबर जल्दी लगवा दीजिए, मैं आपकी सेवा कर दूंगा तो डॉ. गोयल को गुस्सा आ गया। गुस्से में डॉ. गोयल बाहर आए व उन्होंने मरीज को थप्पड़ मार दिए।

जल्द दवा लेने के चक्कर में दे दिया पैसे का ऑफर
इस घटना के बारे में 52 साल के मरीज अमरजीत सिंह से बात की गई तो उसने कहा कि वह अस्पताल में तनाव व चिड़चिड़ेपन की दवा लेने के लिए आया था। वह एक घंटे से लाइन में लगा था। डॉक्टर जो गोली देते हैं, उसे खाने के बाद ही उसे नींद आती है। अगर गोली न खाऊं तो चिड़चिड़ा हो जाता हूं। गुस्सा आने लगता है। दवा खत्म थी व मुझे काम पर भी जाना था। इसलिए स्टाफ से कह दिया कि पैसे ले लो लेकिन मुझे जल्द दवा दे दो। उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया।

मुझे गुस्से में कुछ पता नहीं चलता : डॉ. गोयल
इस घटना के बारे में डॉ. गोयल मुझे गुस्से में कुछ पता नहीं चलता है। काम करने वाली यह बच्ची जब रोती हुई मेरे पास आई तो मुझे बहुत गुस्सा आया। मैं मानता हूं कि आज मुझसे थोड़ा ओवर रिएक्ट हो गया।

ड्रग डी एडिक्शन सेंटर के इंचार्ज प्रोफेसर डॉ. पीडी गर्ग का कहना है कि अगर हमारे किसी डॉक्टर ने ऐसा किया है तो यह निंदनीय है। मरीज हमारे लिए भगवान के समान है। उनका इलाज सम्मान से किया जाना चाहिए। हम इस मामले की जांच करवाएंगे व जो भी उचित कार्रवाई होगी की जाएगी।

मासूम का टूटा था बायां पैर चढ़ा दिया दाएं पर प्लास्टर, शिकायत की तो बोला डॉक्टर हम हैं या तुम

डॉक्टरों का लापरवाह रवैया आपके बच्चे की जिंदगी से खिलवाड़ कर सकता है। एक ऐसा ही उदाहरण बाराबंकी में शुक्रवार को देखने को मिला जब बाएं पैर टूट जाने पर मासूम के दाहिने पैर पर प्लास्टर चढ़ा दिया गया। पिता ने जब ध्यान दिलाया कि पैर तो बायां टूटा है तो बोले-डाक्टर हम हैं या तुम…भाग जाओ यहां से।

घरवालों ने चिकित्सक व कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत सीएमओ की। मालूम हो कि टिकैतनगर थाना क्षेत्र के कस्बा इचौली निवासी अरविंद कुमार मौर्य का दो वर्षीय पुत्र अरनव खेलते समय गिर गया था जिससे बांया पैर फैक्चर हो गया।

घरवाले मासूम का इलाज कराने गुरुवार को जिला अस्पताल की आर्थो विभाग की ओपीडी पहुंचे थे।यहां पर ड्यूटी पर मौजूद डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बच्चे के बाएं पैर का एक्स-रे कराया था जिसमें फैक्चर निकला था।

मासूम का टूटा था बायां पैर चढ़ा दिया दाएं पर प्लास्टर, शिकायत की तो बोला डॉक्टर हम हैं या तुम

carelessness of doctors and staff in barabanki district hospital

डॉक्टरों का लापरवाह रवैया आपके बच्चे की जिंदगी से खिलवाड़ कर सकता है। एक ऐसा ही उदाहरण बाराबंकी में शुक्रवार को देखने को मिला जब बाएं पैर टूट जाने पर मासूम के दाहिने पैर पर प्लास्टर चढ़ा दिया गया। पिता ने जब ध्यान दिलाया कि पैर तो बायां टूटा है तो बोले-डाक्टर हम हैं या तुम…भाग जाओ यहां से।

घरवालों ने चिकित्सक व कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत सीएमओ की। मालूम हो कि टिकैतनगर थाना क्षेत्र के कस्बा इचौली निवासी अरविंद कुमार मौर्य का दो वर्षीय पुत्र अरनव खेलते समय गिर गया था जिससे बांया पैर फैक्चर हो गया।

घरवाले मासूम का इलाज कराने गुरुवार को जिला अस्पताल की आर्थो विभाग की ओपीडी पहुंचे थे।यहां पर ड्यूटी पर मौजूद डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बच्चे के बाएं पैर का एक्स-रे कराया था जिसमें फैक्चर निकला था। उसे दो बजे के बाद प्लास्टर कक्ष में प्लास्टर कराने के लिए भेजा।

घर वालों ने की कार्रवाई की मांग

डेमो

बच्चे के पिता का आरोप है कि वहां पर वार्ड बॉय शिव प्रसाद व स्वीपर राकेश ने बच्चे के दांए पैर में प्लास्टर चढ़ाने लगे तो बताया गया कि बांया पैर टूटा है। इतने में डॉ. राजेश श्रीवास्तव आ गए और कहा कि डॉक्टर हम हैं आप लोग नहीं और कक्ष से बाहर कर दिया। कुछ देर बाद टूटे पैर के बजाए दूसरे पैर में प्लास्टर चढ़ाकर बच्चे को बाहर निकाल दिया।

विरोध करने पर चिकित्सक व कर्मचारियों ने भर्ती करने के बजाए उसे भगा दिया। शुक्रवार को घरवाले मासूम को लेकर सीएमओ व जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है। गत  दिवस उसने डीएम से भी शिकायत की थी।

अरनव को गुरुवार को ओपीडी में देखा था, पर किस पैर फैक्चर था यह ध्यान नहीं है। हो सकता है कि कर्मचारियों द्वारा भूल से दूसरे पैर में प्लास्टर चढ़ गया हो। उसे काटकर टूटे पैर में प्लास्टर चढ़वाकर इलाज किया जाएगा। – डॉ. राजेश श्रीवास्तव, आर्थो सर्जन 

मासूम के टूटे पैर के बजाए दूसरे पैर में प्लास्टर चढ़ाने की शिकायत मिली है। मामले की जांच की जाएगी। चिकित्सक व कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. रमेश चंद्र, सीएमओ

बच्चे का हाल देखकर पसीजा लोगों का दिल ,नवजात को मुंह में दबाए घूमता रहा कुत्ता

एक नवजात बच्चे को मुंह में दबाकर कुत्ता घूमता रहा। बच्चा किसका था और कुत्ते को कहां से मिला इसकी कोई जानकारी नहीं मिली। लेकिन कुत्ते ने बच्चे का बुरा हाल कर दिया।

देहरादनू के दून विहार में शुक्रवार को कुत्ते के मुंह में नवजात को देखकर हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने नवजात को कुुत्ते से छुड़ाने का प्रयास भी किया, लेकिन कुत्ता पकड़ में नहीं आया।

सूचना मिलने पर पुलिस ने काफी मशक्कत और कई घंटे के प्रयास के बाद नवजात के शव का आधा धड़ बरामद किया। नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

राजपुर थाना क्षेत्र के दून विहार में शुक्रवार दोपहर एक कुत्ता नवजात को मुंह में दबाए घूम रहा था। इसी दौरान लोगों की नजर पड़ी तो अफरातफरी मच गई।

लोगों ने हाथों में डंडे व पत्थर लेकर नवजात को छुड़ान के लिए कुत्ते की ओर लपके, लेकिन कुत्ता लोगों की घेराबंदी तोड़कर भाग निकला। इसी बीच पुलिस को सूचना दे दी गई। इसके बाद पहुंची पुलिस को कुत्ता काफी देर तक छकाता रहा, लेकिन कुत्ते ने नवजात को नहीं छोड़ा।

इसी दौरान दून विहार के खाले के पास लोगों ने कुत्ते से मुंह से नवजात को छुड़ा लिया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लिया। एसओ राजपुर हरिओम चौहान ने बताया कि नवजात 10 से 12 दिन का था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अज्ञात माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी।

100 साल के वृद्ध को लगी कीचड़ की लत, बिना खाए नहीं रह सकते जिंदा

साहेबगंज। गरीबी इंसान को क्या-क्या नहीं करने को मजबूर कर देती है इसका उदाहरण हाल ही में सामने आया है। यहां 100 साल के एक वृद्ध को कीचड़ खाने की लत लग गई है। झारखंड के साहेबगंज में पिछले दिनों कई ऐसी घटनाएं सामने आईं जिनमें लोगों की मौत गरीबी के कारण भूख से हो गई।

इस बार एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है। यहां रहने वाले 100 वर्षीय कारू पासवान कीचड़ खाते हैं। कारू पिछले 89 साल से कीचड़ खाते आ रहे हैं और अब यह उनकी आदत में शुमार हो गया है। आलम यह है कि अब वो कीचड़ खाए बिना जिंदा नहीं रह सकते।

खबरों के अनुसार कारू जब छोटे थे तब घर में खाने को कुछ नहीं था, गरीबी की इस हद पर खुद को जिंदा रखने के लिए कीचड़ खाना शुरू किया जो अब तक जारी है। मीडिया से बात करते हुए कारू ने बताया कि जब 11 साल के थे तो गरीबी के कारण खाने को कुछ नहीं था।

इसके बाद उन्होंने मिट्टी खाकर पेट भरना शुरू किया। 89 साल लगातार मिट्टी खाने के बाद अब शरीर को इसकी ऐसी लत लग गई है कि कीचड़ के बिना जिंदा नहीं रह सकते। लत की स्थिति यह है कि कारू जहां बैठते हैं वहां उनके पास पानी का घड़ा और मिट्टी रखी रहती है। जब भी जरूरत लगती है कारू इसे खा लेते हैं।