आयुक्त सुंंदरानी ने होटल,रेस्टारेंट, मैरिज पैलेस सहित अन्य लोगो की ली बैठक

स्वच्छता सर्वेक्षण और कचरा को खाद बनाने की पूरी प्रकिया की दी जानकारी

भिलाई।  नगर  निगम आयुक्त एस0के0 सुंदरानी द्वारा निगम सभागार में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के तहत् मंगलवार को निगम सभागार में निगम क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट, शादी घर (मैरिज पैलेस) एवं निगम क्षेत्र कालोनाईजर की कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें गीला कचरा एवं सुखा कचरा को अपने होटलों पर सुखा एवं गीला कचरा का कम्पोस्टिंग कर खाद बनाकर उपयोग करें ताकि पुरा शहर को कचरा मुक्त बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकतें हैं जिससे हमारा शहर स्वच्छ और सुंदर बन सके इस संबंध में आयुक्त ने संचालको की बैठक पर दिशा निर्देश एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से पुरी जानकारी कार्यशाला में दी गई।

आयुक्त श्री सुंदरानी द्वारा घरों तथा संस्थानों से निकलने वाले गीला एवं सुखा कचरे के निष्पादन के बारे में बताया गया। जिसमें बास्केट द्वारा घरेलु कम्पोस्टिंग (एरोबिक कम्पोस्टिंग) इसके लिए 45 से 60 दिवस, क्षमता 12 से 15 किलो जिसके मेटेंनेंस में कोई खर्च नहीं लगता कम्पोस्ट उत्पादन प्रति चक्र 07 किलो होगा। जिसमें गीला कचरा को छोटे टुकड़े कर बास्केट में डालें, बास्केट को उंचे स्थान पर खुले में रखें, कम्पोस्टिंग कार्य को तीव्र गति देने के लिए राड द्वारा हिलाये। मटके द्वारा घरेलु कम्पोस्टिंग में 60 दिवस, क्षमता 05 से 07 किलो, मेंटेनेंस खर्च नहीं लगता, कम्पोस्ट उत्पादन प्रति चक्र 01 किलो प्रति दिवस। इसके लिए मटके के तल पर छोटे छेद करें जिससे गीले कचरे से उत्पन्न होने वाले लिचेट का रिसाव हो सके मटके को स्टैण्ड पर रखें, लिचेट एकत्रित करने हेतु एक पात्र मटके के नीचे रख दें, गीले कचरे को छोटे टुकड़ो में काटकर मटके के अंदर भरे, मटके को ढक़कर रखें, मटके के भरने के उपरान्त दुसरे मटके में कम्पोस्टिंग प्रक्रिया प्रारम्भ करें, मक्खियों को दुर भगाने हेतु नारियल तेल में कपुर डालकर मटके को बाहर से लेप करें, कम्पोस्टिंग के दौरान मटके के अंदर पैदा हुए इल्लियों को न मारे। ये इल्लियां कम्पोस्टिंग विधि को तीव्रता से करती हैं तथा 03 सप्ताह में स्वत: ही मर जाती है। पिट कम्पोस्टिंग- इसमें 4 से 5 माह का समय लगता है क्षमता 700 किलो प्रति दिवस, पिट के निर्माण में 2.50 लाख रुपये खर्च होता है, मेंटेंनेंस खर्च नहीं लगता, पिट की लम्बाई 100 सेमी. चैड़ाई 60 सेमी. गहराई 100 सेमी. की होती है। इसके लिए उंचे स्थल का चुनाव कर कम्पोस्टिंग पिट की खुदाई करें जिसमें बरसात के समय पानी जमा न हो, पिट के नीचे तल पर 3 सेमी. की गोबर की परत बना लें, गीले कचरे को छोटे टुकड़ो में काटकर गोबर के उपर डालें, गीले कचरे के उपर मिट्टी की हल्की छिडक़ाव से ढक़े, पिट के भर जाने पर 15 सेमी. मोटी मिट्टी के परत से ढक़े तथा कम्पोस्टिंग का कार्य दुसरे पिट पर करें, बरसात के दौरान कम्पोस्ट पिट को ताटपट्टी से ढक़कर रखें के बारे में बताया गया।

बैठक में अधीक्षण अभियंता आर0के0 साहू, स्वास्थ्य अधिकारी आई0एल0 यादव, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, भवन अधिकारी तपन अग्रवाल, निगम के समस्त जोन आयुक्त सहित स्वच्छता निरीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।