शिक्षाकर्मियों ने नहीं खेली होली, आदेश के बाद भी नहीं मिली वेतन

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रायपुर : प्रदेश में शिक्षाकर्मियों की होली सूखी रही,जबकि राज्य सरकार ने बकायदा आदेश जारी कर शिक्षाकर्मियों को होली के पहले वेतन भुगतान के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकांश जिलों में शिक्षाकर्मियों का वेतन जारी नहीं हुआ, जिससे कारण शिक्षाकर्मियों की होली फीकी रही. प्राप्त जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शिक्षाकर्मियों को दो माह या उससे अधिक समय से वेतन बकाया है ।

छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों चुनावी साल होने के कारण संविलियन जैसी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने के उम्मीद लगाए बैठे हैं, सरकार ने भी इस मुद्दे पर विचार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है. ऐसे समय में शिक्षाकर्मियों को नियमित वेतन के लाले पड़े हुए हैं ।

शिक्षाकर्मी संघ ने भी वेतन में देरी को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए वे लगातार आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. इसी बीच सरकार ने उनके अटेंडेंस के लिए बायो मीट्रिक सिस्टम लगा दिया है. लेकिन अभी तक उनको नियमित वेतन भुगतान नहीं हो रहा है. होली के दो दिन पहले पंचायत विभाग के संचालक ने सभी सीईओ को आदेश दिया था कि होली के पहले शिक्षाकर्मियों को जनवरी का भुगतान जारी कर दिया जाए. इसके बावजूद अधिकांश जिलों में शिक्षाकर्मियों को जनवरी की सैलेरी नहीं मिल पाई है

होली त्योहार के पहले शिक्षाकर्मियों को वेतन नहीं मिलने से वे नाराज हैं. संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की वादाखिलाफी उचित नहीं है. मार्च से वेतन नियमित नहीं होने पर वे लोग बायो मीट्रिक अटेंडेंस का बहिष्कार करने वाले हैं