बेमेतरा:देवरबीजा में प्रतिबंधित एक ट्रैक्टर शीशम लकड़ी जप्त

संजु जैन सबका संदेश ब्यूरो चीफ  बेमेतरा

*ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटाई करने वाले कार्रवाई के बाद कुछ दिनों तक चुप बैठने के बाद सक्रिय हो गए हैं। लकड़ी गाडिय़ों में भरकर ले जाते है*

देवरबीजा=देवरबीजा एवं बीजा क्षेत्र में इन दिनों धडल्ले से अवैध लकड़ी कटाई का काम चल रहा है ।वन विभाग बेखबर है

दिन को लकड़ी काटते है और रात को परिवहन करते है ।

ऐसा ही मामला देवरबीजा में 6 मार्च को सुबह हनुमान मंदिर से पहले एक ट्रैक्टर लकड़ी वहां  लकडी जो प्रतिबंधितहै शीशम का जिसको किसी हरियाणा बाड़ी से ला रहे थे उसी समय वन विभाग के अधिकारी पहुँच गये मजेदार की बात करने कार्यवाही करने के बजाये कुछ और करने वाले थे  जब हमारे प्रतिनिधि पहुँचे तो अधिकारी में हड़कंप मच गया और सीधे दुर्ग की तरफ निकल गये और बेमेतरा डीपो में जानकारी देकर ट्रैक्टर में भरकर लाखो रूपये के शीशम लकड़ी को बेमेतरा भेजवायें

ऐसे अपराधियों पर शासन-प्रशासन की कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है। हालत ये हो गई है कि पर्यावरण के दुश्मन अब लकड़ी दलाल फिर सक्रिय हो गए हैं।

पेड़ों की कटाई को रोकने वाला कोई नहीं

ऐसा ही प्रत्यक्ष नजारा जिले के ग्राम देवरबीजा एवं बीजा  क्षेत्र सहित और भी ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। जहां खेतों में लगे दशकों पुराने पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके लिए दलाल किसी से अनुमति लिए हैं और न ही इसके लिए कोई जिम्मेदारी लेते दिखा। इसलिए इन पेड़ों की कटाई को रोकने वाला कोई नहीं दिखा। इधर लकड़ी दलालों की मानें तो उनकी संबंधित अधिकारियों तक पहुंच है, जो ऐसे काम में उन्हें शिकायत मिलने पर हम सेट कर लेते हैं और रातों-रात लकड़ी गाडिय़ों में भरकर दूर ले जाते हैं।

दलाल ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय

ज्ञात रहे कि बीते माह लगातार अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई करने वाले दलालों पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद लंबे समय तक इस ओर अधिकारियों के शांत हो जाने से अब फिर लकड़ी दलाल ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। बिना अनुमति किसानों से औने-पौने दाम पर खरीदकर अंधाधुंध हरे-भरे पेड़ों की कटाई में लग गए हैं।

किसान भी हों जागरूक, भविष्य की करें चिंता

पर्यावरण संरक्षण, हरियाली व आने वाली पीढ़ी के लिए किसानों को भी जागरूक होना अति आवश्यक है। लगातार पेड़ों की कटाई और बिगड़ते पर्यावरण की चिंता करना हम सब का कर्तव्य है। अपने खेतों में उगे प्राकृतिक संपत्ति का संरक्षण करें। थोड़े पैसे के लालच में दशकों पुराने पेड़ों को दलालों को न बेचें। लकड़ी दलाल प्रतिबंधित शीशम  पेड़ों की भी कटाई कर रहे हैं

किसान भी जागरूक हों और पेड़ों को औने-पौने दाम पर बेचने की बजाय उनसा संरक्षण व सुरक्षा करें। साथ ही संकल्प लें कि पेड़ लगाएंगे और लोगों को पौधारोपण के प्रति जागरूक करेंगे

काटने से मतलब, पर्यावरण सुरक्षा से नहीं

बता दें कि इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लकड़ी दलाल घूम रहे हैं जो किसानों के खेतों में लगे पेड़ों को औने-पौने दाम पर खरीद कर बिना अनुमति कटाई कर ईट भट्टा, आरा मिलों में अधिक दाम पर बेच दे रहे हैं। इन दलालों को बिगड़ते पर्यावरण से मतलब नहीं है और न ही लगातार घटने पेड़ों की संख्या से, इनको सिर्फ पेड़ों की कटाई कर पैसे कमाने से मतलब है। लकड़ी दलालों ने अभी तक सिर्फ पेड़ की कटाई ही की है, पर कभी पेड़ लगाने के बारे में इन्हें मतलब नहीं रहता। पर आश्चर्य की बात यह है कि दलालों से पकड़े गए गाडिय़ों को छुड़ाने जब नेताओं को फोन करते हैं तो नेता भी ऐसे अपराधियों को बचाने पहुंच जाते हैं। आश्चर्य ये कि प्रतिबंधित लकड़ी को भी काट ले जा रहे हैं।

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इस संबंध में कलेक्टर महादेव कावरे ने कहा कि प्रतिबंधित लकडी को काट रहे है तो गलत से में जानकारी लेता हु

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