जैन भवन में राष्ट्रीय पालक सम्मेलन का किया जा रहा है आयोजन

 

भिलाई । सांई आस्था भिलाई, सार्थक कदम भिलाई एवं हेल्प स्टूडेन्ट नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में भिलाई स्थित जैन भवन सेक्टर-6 में दो दिवसीय कार्यशाला राष्ट्रीय पालक सम्मेलन 2019 का आयोजन किया जा रहा है। दिव्यांगजन स्वावलंबन की ओर विषय पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है। सामाजिक समावेश और गरिमा के साथ जी रहे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास के संबंध में विशेष जानकारी हेतु आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 9 सत्र होंगे। जिसमें देश के अग्रणी विषय विशेषज्ञ अपना व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। आज उदघाटन सत्र के अवसर पर सर्वप्रथम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परिवार संस्था के अध्यक्ष श्रीरंगे बिजूर एवं रोटरी क्लब भिलाई के अध्यक्ष एमसी जैन, सामाजिक न्याय विभाग छत्तीसगढ़ शासन के उप संचालक धर्मेन्द्र साहू, हेल्प स्टूडेन्ट इंडिया नई दिल्ली के ओजस्वी सक्सेना तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के डीजीएम (इलेक्ट्रीकल) एस.वी. नंदनवार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्र्यापण कर कार्यक्रम का उदघाटन किया। तकनीकी सत्र में प्रथम भारत सरकार के सेन्ट्रल एडवाईजरी बोर्ड के मेंबर पंकज मारो ने मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए भारत सरकार की नीतियां, योजनाएं एवं कार्यक्रम विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 जिसमें दिव्यांगजनों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाधारहित वातावरण उपलब्ध कराने पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय न्यास द्वारा शीघ्र हस्तक्षेप, शिक्षा एवं स्थायी आवास हेतु दिशा, समर्थ एवं घरोंदा जैसे बहुउपयोगी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका लाभ मानसिक विकलांग, मंधता, स्वलीनता, प्रमस्तिष्कघात एवं बहुदिव्यांग वाले बच्चे ले सकते हैं। निरामय स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से ऐसे दिव्यांग बच्चों को एक लाख रूपए प्रतिवर्ष भारत सरकार द्वारा दिया जाएगा। द्वितीय सत्र में सिकंदराबाद निपीड संस्था से आए डाक्टर अमिृता सहाय ने मानसिक विकलांग बच्चों की शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने बताया कि विकास के अलग-अलग आयाम बच्चों के बौद्धिक क्षमता, भाषा, शारीरिक विकास देखने-सुनने से संबंधित समस्या पहचान जीरो से तीन वर्ष या उससे पहले हो सके। तृतीय सत्र में डा. अफसान जेबिन ने बताया कि जो इस तरह के बच्चों को आउटडोर गेम्स खेलने का मौका देना चाहिए, घर में ही बंद करके न रखें, उनका समुचित विकास होने में मां-बाप की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समस्या होने पर विशेषज्ञ डाक्टर की सलाह लेवें। कार्यक्रम के आयोजक  परिवार संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीरंगे बिजुर ने संस्था के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि परिवार पूरे भारतवर्ष में फैले 262 विभिन्न संस्थाओं का महासंगठन है तथा हर वर्ष इस तरह का राष्ट्रीय कार्यक्रम संस्था द्वारा आयोजित किया जाता है। जिसमें क्षेत्रीय सम्मेलन भी शामिल है। इस वर्ष यह 26वां पालक परिचय सम्मेलन है, जिसके समापन सत्र में केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत (समाज कल्याण विभाग भारत सरकार) होंगे। भारत सरकार की दिव्यांग बच्चों से संबंधित योजनाओं की जानकारी देंगे। उनकी समस्याओं के बारे में भी पहचान कर समस्याओं के निदान हेतु पहल करेंगे।  साथ ही इस संबंध में की गई नई खोजों पर भी इस कार्यक्रम में चर्चा की जाएगी।

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