बेमेतरा:ग्राम परसबोड में गुलाब कतरी तैयार कर देवकुमार अर्जित कर रहे है मुनाफा

संजु जैन सबका संदेश ब्यूरो बेमेतरा

बेमेतरा =जहां चाह वहां राह, मनुष्य यदि एक बार ठान ले तो उसे हासिल कर ही लेता है। इस सपने को साकार किया है बेमेतरा जिले के साजा ब्लाॅक के ग्राम परसबोड़ निवासी देवकुमार साहू ने। देव कुमार ने कृषि उत्पाद पर आधारित पपीता से खाने की कतरी तैयार करने लघु उद्योग अपने स्वयं के घर में स्थापित किया है। इसका उपयोग अधिकतर पान मसाले के विक्रेता करते है। जो पान में डालने का काम आता है। इसके अलावा ग्रामीण अंचल में छोटे बच्चे गुलाब कतरी चाव से खाते है। आज कलेक्टर महादेव कावरे जब उनके यूनिट में पहुंचे तो देवकुमार को भरोसा नहीं हो रहा था कि जिले के जिलाधीश उनका लघु उद्योग देखने आ सकते है। जिलाधीश के साथ जिला पंचायत के सीईओ एस आलोक भी थे।
कलेक्टर ने गुलाब कतरी के उत्पादन की जानकारी मिलने पर उसके यूनिट का अवलोकन किया और प्रसन्नता जाहिर किए कि बेमेतरा जिले में भी कृषि उत्पाद पर आधारित एक युवा द्वारा कतरी का उत्पादन किया जा रहा है। देवकुमार ने बताया कि गुलाब कतरी का उत्पाद तैयार करने के लिए उन्हें साजा ब्लाॅक से ही 7 से 8 रूपए किलो की दर से कच्चा पपीता किसानों से मिल जाता है। इसका वे 10 श्रमिक लगाकर हाथ से ही छिलते है। इसके बाद मैनुअल कटिंग करते है। इसके बाद नमक पानी में डुबाकर रसायनिक क्रिया की जाती है।
इसके बाद हल्का सा उबालकर कतरी तैयार किया जाता है। देवकुमार ने बताया कि पान उत्पाद के विक्रेता उनसे 50 रूपए प्रति किलो की दर से खरीदते है। पूछने पर देवकुमार ने बताया कि वे कतरी को कानपुर एवं उड़ीसा तथा छत्तीसगढ़ राज्य में ही सप्लाई करते है। इससे उनको प्रतिमाह लगभग 50 हजार से एक लाख रूपए की आमदनी हो जाती है।

पूछने पर देवकुमार ने बताया कि वे एक-दो व्यवसाय अपना चुके है किन्तु उसमें सफलता नहीं मिली। पपीता से गुलाब कतरी तैयार का विचार मन में आया इसके लिए उन्होंने महाराष्ट्र के नागपुर शहर से प्रशिक्षण भी लिया है। कलेक्टर के भ्रमण के दौरान उन्होंने 6-7 लाख रूपए की मशीन लगाये जाने का अनुरोध किया। अभी तक उन्होंने इस कार्य के लिए किसी प्रकार का बैंक लोन नहीं लिया है।
कलेक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उद्योग विभाग की येाजना के अंतर्गत वे ऋण लेकर मशीन स्थापित कर सकते है। इससे इनके उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होगी और देवकुमार को मुनाफा भी मिलने लगेगा। इस मशीन से लगने से पपीता की छिलाई एवं कटिंग का कार्य बड़ी तादाद में होने लगेगा। अभी मैनुअली हाथ से किया जा रहा है। इस कारण इसमें समय अधिक लग रहा है। भविष्य में मशीन लगने से सभी कार्य मशीन से होने लगेगा।
=================
सबका संदेश ब्यूरो बेमेतरा=8463812334 whatsapp no

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *