काव्य गोष्ठी में कवियों ने सुनाई कविताएँ, लूटी वाहवाही

(32-33वीं संयुक्त मासिक काव्य गोष्ठि का सफल आयोजन)

राजस्थान / दौसा – राष्ट्रीय कवि सम्मलेन  दौसा की 32-33 वी संयुक्त काव्य गोष्ठी रविवार शाम शिव आदर्श विद्या मंदिर,  सिकन्दरा में साहित्यकार श्री मुकेश गुप्त’राज’ के मुख्यातिथ्य एवं श्री बाबूलाल शर्मा “बौहरा” की अध्यक्षता में संपन्न हुई । काव्य गोष्टी का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया । सम्मान की अगली कड़ी में बांदीकुई के युवा कवि धर्मेन्द्र कुमार सैनी और लोकेन्द्र भारद्वाज का “राष्ट्रीय कवि चौपाल सम्मान और स्वर्ण पदक भेंट कर सम्मानित किया गया । बांदीकुई से पधारे कवि मुकेश गुप्त’राज’ ने सरस्वती वंदना के साथ ही कर किया है सत्य के पथ का वरण‘..…रचना सुनाई,

वही संरक्षक बाबूलाल शर्मा ने पिता के सम्मान में कभी जो खुद इमारत था, पिता दीवार बन जाता…. कविता सुनाई, तो वरिष्ठ साहित्यकार भवानी शंकर जैमन ने चालान पर हास्य व्यंग्य प्रस्तुत किया व श्रृंगार रस की रचना भी सुनाई, कवि कृष्ण कुमार सैनी’राज’ ने कृष्णा चाहेगा धरती पर संस्कृतियों का सम्मान रहे, जब तक धरती-अम्बर जग में तब तक ये देश महान रहे‘……कविता प्रस्तुत कर शहीदों का गुणगान किया, अलवर की धरती से पधारे साहित्यकार मुकेश कुमार ‘मेघ’ ने वीर रस की कविता मैं जनाधार को मानवता का पाठ पढ़ाने निकला हूँ….. सुनाई, सचिव दिनेश प्रजापति ने चालान पर हास्य कविता “सड़क पर गड्ढे देखता रहूँ या गाड़ी चलाऊँ”…. सुनाई, धर्मेन्द्र कुमार सैनी ने “मन की पीड़ा का शमन करूँ ….कविता सुनाकर खूब तालियां बटोरी, लोकेन्द्र भारद्वाज ‘क्रान्तिदूत’ ने सुनता हूँ कि उनके दिल में भी एक प्यारी शरारत रहती है‘..…रचना सुनाई । काव्य गोष्ठी का संचालन कर रहे संस्था के उपाध्यक्ष सलमान सिकंदराबादी ने पकौड़े बेचना भी रोजगार है…..हास्य कविता सुनाई ।

इस अफल आयोजन का आभार सिकन्दरा उप सरपंच राजेश खण्डेलवाल ने प्रकट किया। काव्य गोष्टी में अरविंद, सुरेश प्रजापति भी उपस्थित रहे।

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